साइबर ठगों की करतूत: पहले सिम बंद कराई फिर बैंक अकाउंट से निकाल लिए 9 लाख रुपए

ग्वालियर। साइबर ठगों ने शहर में ठगी की दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम देकर लोगों को लाखों रुपये की चपत लगा दी। महाराजपुरा थाना क्षेत्र में ठगों ने एक युवक की सिम बंद कराकर उसके और उसके भाई के संयुक्त ओवरड्राफ्ट (ओडी) खाते से 8 लाख 97 हजार रुपए निकाल लिए। वहीं, मुरार निवासी एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से तीन बार में 1 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। दोनों मामलों में पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिम बंद हुई, खाते से रकम निकलने के आए मैसेज
महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम स्थित प्रीतम विहार कॉलोनी से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। थाटीपुर की शक्ति विहार दर्पण कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय पंकज शर्मा ने पुलिस को बताया कि 6 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे उन्होंने अपने एक दोस्त को फोन लगाया था, लेकिन कॉल नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने जियो कस्टमर केयर से संपर्क किया। वहां उन्हें जानकारी मिली कि उनकी मोबाइल सिम बंद करा दी गई है। पंकज ने अपनी सिम दोबारा चालू कराई। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर लगातार बैंकिंग ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। इसी दौरान उनके छोटे भाई विकास शर्मा का फोन आया। विकास ने खाते से 2.50 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन के संबंध में पूछा। पंकज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया है।
संयुक्त खाते से निकले 8.97 लाख रुपए
अगली सुबह पंकज बैंक पहुंचे और खाते की जानकारी ली। जांच में पता चला कि उनके और उनके भाई के संयुक्त ओवरड्राफ्ट (ओडी) खाते से कुल 8 लाख 97 हजार रुपए की रकम निकाल ली गई है। मोबाइल की सिम बंद होने के कारण उन्हें समय रहते ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं मिल सकी। ठगी का पता चलते ही उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद महाराजपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही है, जिनके माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई।
दूसरी घटना : क्रेडिट कार्ड से तीन बार में निकाले 1.50 लाख रुपए
मुरार निवासी राजेश सिंह भी साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत में बताया कि 9 फरवरी 2026 को उनके बैंक क्रेडिट कार्ड से तीन बार में रकम निकाली गई। पहली बार में एक लाख रुपये और दूसरी बार में 50 हजार रुपये कट गए। राजेश के अनुसार इस संबंध में न तो उन्हें किसी का फोन आया और न ही उन्होंने किसी व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा किया था। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल सिम अचानक बंद होने पर सतर्कता जरूरी
साइबर ठगी से बचने के लिए मोबाइल सिम अचानक बंद होने पर तुरंत संबंधित टेलीकॉम कंपनी और बैंक से संपर्क करें। बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड के ट्रांजेक्शन अलर्ट पर नजर रखें। किसी के साथ ओटीपी, पिन या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं। जल्द शिकायत करने से रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है।
एक्सपर्ट से जानें कैसे रखें सावधानी
इस बारे में साइबर एक्सपर्ट धर्मेंद्र शर्मा कहते हैं कि सिम बंद कराकर ठगी के ऐसे मामले पहले भी सामने आए है, इसमे पीड़ित को पहले से कॉल किया जाता है और उससे कॉल फार्वडिंग या फिर एसएमएस के जरिए नंबर बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। जिसके बाद ईसिम व अन्य माध्यम से ठगी होती है। बतौर सावधानी ऐसे में पीड़ित को किसी भी अनजान नंबर पर कॉल और उसके इंट्रक्शन फॉलो करने से बचना चाहिए।
एफआईआर दर्ज कर पड़ताल की जा रही है
महाराजपुर थाने के टीआई यशवंत गोयल ने कहा कि ठगी की घटना सामने आई है, मामले में ऑनलाइन शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर पड़ताल की जा रही है।




















