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गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखने 100% जूट के बारदाने खरीदेगी सरकार

प्लास्टिक की एक बोरी की कीमत 24 रु., जूट का बोरा 72 का आएगा
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गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखने 100% जूट के बारदाने खरीदेगी सरकार

भोपाल। प्रदेश में इस बार गेहूं उपार्जन में जूट के बारदाने उपयोग किए जाएंगे। इसके लिए सरकार 480 करोड़ अतिरिक्त राशि खर्च करेगी। अभी तक सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं रखने के लिए 50 फीसदी जूट के और 50 फीसदी प्लास्टिक के बैग का उपयोग करती थी। अब सौ फीसदी जूट के बारदाने का उपयोग किया जाएगा। बताया जाता है कि प्लास्टिक के एक बैग की कीमत करीब 24 रुपए है, जबकि जूट के बारदाने की कीमत 72 रुपए है।

मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए करीब 960 करोड़ रुपए का जूट का बारदाना खरीदा जाएगा। अगर जूट की जगह प्लास्टिक का बारदाना खरीदा जाता तो इसमें करीब तीन सौ करोड़ रुपए खर्च होते। प्लास्टिक के बारदाने की गुणवत्ता को लेकर आ रही लगातार शिकायतों के चलते सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है। इससे गेहूं की क्वालिटी पर भी असर नहीं पड़ेगा।

क्या है दोनों बारदानों में अंतर

जूट बैग में गेहूं की क्वालिटी लंबे समय तक बरकरार रहेगी। ये बैग प्लास्टिक से ज्यादा मजबूत भी होते हैं। इससे गेहूं खराब होने के झंझट से छुटकारा भी मिलेगा। वहीं यह भी बताया जाता है कि प्लास्टिक के बारदाने को सिर्फ एक बार ही उपयोग किया जाता था, लेकिन जूट के बारदाने का दो-तीन बार उपयोग किया जा सकता है।

कोलकाता निगम करेगा सप्लाई

भारतीय केन्द्रीय जूट निगम कोलकाता के जरिए मप्र को जूट के बारदाने की सप्लाई की जाएगी। सौ लाख मीट्रिक टन गेहूं भंडारण के लिए करीब चार लाख गठान बारदानें की जरूरत होगी। सप्लाई के लिए राज्य सरकार निगम को एडवांस में करीब 960 करोड़ राशि देगी। जैसेजै से भारतीय खाद्य निगम गेहूं का उठाव करेगा वैसे राशि की प्रतिपूर्ति केन्द्रीय खाद्य विभाग के जरिए की जाएगी।

गेहूं खरीदी में किसानों को मिलें बेहतर सुविधाएं: सीएम

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी होनी है। इसके लिए भारतीय खाद्य निगम, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम तथा मार्कफेड से समन्वय कर उपार्जन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने यह बात भारतीय खाद्य निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (वेस्ट जोन) दलजीत सिंह, महाप्रबंधक विशेष गढ़पाले से भेंट के दौरान यह बात कही।

जूट के बोरों में अनाज की क्वालिटी खराब नहीं होती

जूट के बारदाने सबसे अच्छे होते हैं। प्लास्टिक की बोरियां फट जाती हैं, लेकिन जूट के बारदाने नहीं फटते हैं। लंबे समय तक अनाज के भंडारण के लिए जूट के बारदाना बेहतर होते हैं, क्वालिटी भी खराब नहीं होती है। -अरुण वर्मा, सेवा निवृत्त प्रबंधक व्यवसाय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम

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