
विदिशा। सरकार बच्चों को शिक्षित करने के लिए तमाम प्रकार के जतन कर लें। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक हैं कि इसमें कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की गुंजाइश खोज ही लेते हैं। शिक्षा में सुधार के लिए कई प्रकार से गरीबों तक के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं चला रही है, जिसमें नि:शुल्क ड्रेस कोड वितरण से लेकर नि:शुल्क किताबों का भी वितरण किया जाता है।
लेकिन क्या यह किताब छात्रों तक ठीक तरीके से पहुंच पा रही हैं? इसकी मॉनिटरिंग शिक्षा विभाग सही तरीके से नहीं कर रहा है, जिसकी लापरवाही के चलते विदिशा जिले के लटेरी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जहां पर शिक्षा विभाग के द्वारा वितरण की जाने वाली पुस्तक कबाड़ में बेची जा रही हैं।
कार्रवाई से लटेरी शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
विदिशा जिले की लटेरी से ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी योजनाओं का लाभ गरीब बच्चों तक पहुंच नहीं पा रहा है। यहां सरकारी स्कूल में बच्चों को नि:शुल्क बांटने के लिए किताबें आई थीं, लेकिन उन किताबों को कबाड़ी की दुकान में बेच दिया गया। विदिशा कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सूचना मिलने पर एसडीएम को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद नायब तहसील हेमंत अग्रवाल द्वारा कार्यवाही करते हुए एक कबाड़ की दुकान से किताबों से भरे बोरे बरामद किए हैं। उक्त कार्रवाई से लटेरी शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
इसी सत्र की किताबें बरामद
लटेरी नगर में नायब तहसील सहित बीईओ द्वारा एक कबाड़ी की दुकान से सरकारी स्कूल में बांटी जाने वाली किताबों को बरामद किया। मौके पर पंचनामा बनाकर उक्त किताबों को जब्त किया है। वहीं नायब तहसीलदार हेमंत अग्रवाल का कहना है कि सूचना मिली थी कि सरकारी की स्कूल की किताबों को अवैध रूप से बेचा जा रहा है। इसके बाद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई है। कबाड़ी की दुकान से जो किताबें बरामद की गई हैं वो इसी सत्र 2024-25 की बताई जा रही हैं।
अवैध तरीके से बेची जा रही किताबें
उक्त मामले में कबाड़ की दुकान चलाने वाले दुकानदार से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। सरकारी स्कूल की किताबें वीआरसी लटेरी के सुपुर्दगी में सौंपी गई हैं। यह किताब स्कूल के चौकीदार द्वारा कबाड़ी की दुकान पर बेचने के लिए लाई गई थीं।