इंदौर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ: दो महीने में पांचवीं धमकी, शहर में बढ़ता गैंग का नेटवर्क

दो महीने में पांचवीं धमकी, शहर में बढ़ता गैंग का नेटवर्क
फाइल फोटो
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। शहर में अंडरवर्ल्ड  के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इस बार उसके निशाने पर शहर का बड़ा बिल्डर आ गया है। गैंग के शूटर हैरी बॉक्सर ने बिल्डर विवेक दम्मानी को व्हाट्सएप कॉल कर सीधे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग डाली, साथ ही न देने पर “अंजाम भुगतने” की खुली धमकी दे डाली।

    दिनदहाड़े धमकी, परिवार तक की जानकारी देकर दहशत

    मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आए इस कॉल ने पूरे कारोबारी वर्ग में सनसनी फैला दी। कॉल करने वाले हैरी बॉक्सर ने न सिर्फ पैसों की मांग की, बल्कि दम्मानी के परिवार की निजी जानकारी गिनाकर यह साफ कर दिया कि गैंग हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। कॉल काटने के बाद आरोपी ने एक वॉयस मैसेज भेजकर धमकी को और भी खौफनाक बना दिया।

    पुलिस में हड़कंप, तुरंत FIR दर्ज

    घटना के बाद बिल्डर ने सीधे पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह से शिकायत की, जिसके बाद क्राइम ब्रांच में तत्काल मामला दर्ज किया गया। एसआई राजेश रघुवंशी की टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए रातों-रात दम्मानी की सुरक्षा में एसएएफ के दो सशस्त्र जवान तैनात कर दिए गए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट एसआईटी प्रमुख एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा को भी भेज दी गई है।

    दो महीने में पांचवीं धमकी, शहर में बढ़ता गैंग का नेटवर्क

    चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दो महीनों में यह गैंग का इंदौर में पांचवां धमकी भरा कॉल है। इससे पहले भी कई कारोबारियों और संस्थानों को निशाना बनाया जा चुका है—

    • 12 फरवरी: मेवाड़ा अस्पताल संचालक से 5 करोड़ की मांग
    • 7 फरवरी: कॉलेज संचालक रंजन मित्तल को धमकी
    • मार्च: कारोबारी मनीष गोधा को विदेशी नंबरों से कॉल
    • 16 मार्च: कांट्रेक्टर संजय जैन से रंगदारी की मांग

    लगातार हो रही इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि गैंग शहर में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में है और पुलिस की पकड़ से अभी दूर है।

    SIT और क्राइम ब्रांच अब तक बेअसर

    शुरुआती जांच में क्राइम ब्रांच पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जिसके बाद डीजीपी कैलाश मकवाणा ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। इस टीम की कमान एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा को सौंपी गई, जबकि डीआईजी राहुल लोढा को भी शामिल किया गया। टीम ने इंदौर, भोपाल और अशोकनगर की केस डायरी खंगाली, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।

    कुछ गिरफ्तारी, लेकिन मास्टरमाइंड अब भी फरार

    तुकोगंज थाना पुलिस ने कांट्रेक्टर संजय जैन को धमकाने के मामले में आरोपी मनीष जांगिड़ को गिरफ्तार किया है। खुलासा हुआ कि उसने गैंग के शूटर ऋतिक बॉक्सर के इशारे पर साजिश रची थी। हाल ही में एसआईटी ने प्रदीप नामक एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा है, लेकिन गैंग के बड़े चेहरे अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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