
इंदौर। एक ही रात में शहर के दो धर्मस्थलों पर पेट्रोल बम फैंकने की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात लगभग 2 बजे हुई एक के बाद एक ये वारदातें आस-पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थीं। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इस मामले की तह तक जल्द से जल्द पहुंचना चाहती थी। सोमवार को पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले छह युवाओं को हिरासत में ले लिया। हैरानी की बात ये है कि इस घटना में खुशी नाम की एक युवती भी शामिल है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस घटना की असली वजह जानने की कोशिश कर रही है।
सुबह प्रतिनिधिमंडल ने की थी कमिश्नर से मुलाकात
धर्मस्थलों पर पेट्रोल बम से हमले का मामला बेहद संवेदनशील था। इस केस को लेकर सोमवार सुबह शहर काजी डॉ. इशरत अली सहित मुस्लिम समाज के कई नुमाइंदे पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर से मिलने पहुंचे थे। सभी इस घटना को लेकर आक्रोशित थे और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तार की मांग कर रहे थे। इस प्रतिनिधिमंडल के जाने के दो घंटे के भीतर ही पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इंदौर के डीसीपी जोन 1 आदित्य मिश्रा के मुताबिक, इन दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस एक्टिव मोड में थी। क्योंकि, इससे शहर की फिजा बिगड़ने का डर भी था। यही वजह रही कि पुलिस ने अपनी कई टीमों को एक साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगाया हुआ था।
सीसीटीवी से मिला सुराग
डीसीपी मिश्रा के मुताबिक, पुलिस ने इस वारदात की तह तक पहुंचने के लिए रास्तों पर लगे कई सीसीटीवी कैमरा फुटेज के सथ अन्य जानकारियां जुटाईं। जिसके बाद ये साफ हो गया कि इस घटना को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी लक्की पिता राकेश है। पुलिस ने उसे सबसे पहले गिरफ्तार किया है और उससे मिली जानकारी के आधार पर उसके साथियों जीतू, आयुष ,नयन ,सत्यम के साथ ही एक युवती खुशी को हिरासत में ले लिया। इस मामले में सबसे हैरतअंगेज व्यवहार युवती खुशी का देखने को मिला। जब उसे पुलिस हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया तो उसने बेहद बेफिक्री के साथ कहा कि ” मुझे मालूम नहीं था कि बम फैंकने जा रहे हैं, नहीं तो मैं इन लोगों के साथ नहीं जाती।”
पुलिस के लिए था बड़ा चैलैंज
शुक्रवार देर रात मुकेरीपुरा स्थित एक मस्जिद में पेट्रोल पंप सेकने की वारदात के बाद शहर की पुलिस एकाएक चौकन्नी हो गई थी। इसी दौरान पुलिस को जानकारी लगी कि पास ही एक मजार पर भी कुछ युवाओ ने पेट्रोल बम फैंका है। घटना देर रात की थी लेकिन सुबह होते-होते जंगल की आग की तरह पूरे शहर में फैल गई थी। पुलिस के लिए यह एक नई चुनौती थी क्योंकि इससे शहर की फिजां बिगड़ सकती थी।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) August 7, 2023
756 मोबाइल फोन रिकॉर्ड, 150 CCTV कैमरों की मदद से पकड़े आरोपी
इस घटना के आरोपियो की तलाश में पुलिस ने 150 सीसीटीवी कैमरे सहित 756 मोबाइल का डाटा निकाला। घटना के वक्त युवकों के साथ एक युवती के देखने के बाद कहानी ने अलग मोड़ ले लिया था। इसके साथ ही सीसीटीवी में पेट्रोल बम फेंकने वाले युवकों के चेहरे साफ दिखाई नहीं दे रहे थे, इस कारण पुलिस ने सिलसिलेवार मस्जिद के सीसीटीवी के साथ मोबाइल फोन्स का डाटा भी निकालना शुरू किया। इसमें 36 पुलिस कर्मचारियों को लगाया गया। घटना के बाद इलाके के bs10 डेटा के आधार पर 756 मोबाइल लोकेशन्स को तलाशा गया और इस तरह तकनीक की मदद से इस केस को 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया गया।
(इनपुट – हेमंत नागले)