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Earthquake : फिर आया भूकंप… असम और जम्मू-कश्मीर में महसूस किए गए झटके, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता

Earthquake: जम्मू-कश्मीर और असम में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोनों राज्यों में 4 से 5 की तीव्रता वाला भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के डोडा स्थित चिनाब घाटी में रविवार सुबह 6.14 बजे 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र डोडा जिले के गुंडोह इलाके में था। वहीं असम के गुवाहाटी जिले में 4.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया। हालांकि, दोनों राज्यों में जान माल के नुकसान की खबर नहीं है।

एक दिन पहले हिमाचल प्रदेश में आया भूकंप

एक दिन पहले यानि शनिवार (12 अक्टूबर) को दोपहर करीब साढ़े 3 बजे हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रदेश के शिमला जिले में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, शिमला में आया भूकंप काफी हल्का था और इसका केंद्र धरती के नीचे करीब 5 किलोमीटर की गहराई में 31.21 डिग्री उत्तर और 77.87 डिग्री पूर्व में मिला। इस भूकंप से किसी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हुआ।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
• वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
• 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
• 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
• 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
• 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
• 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
• 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
• 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।

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