
नई दिल्ली। पूरा देश 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। इस बीच, हिंदू सेना ने दिल्ली की बाबर रोड का नाम बदलने की मांग की है। इन लोगों ने बाबर रोड के साइन बोर्ड पर अयोध्या मार्ग का पोस्टर भी चिपका दिया लेकिन बाद में विवाद बढ़ता देख उसे हटा भी दिया। जानें क्या है पूरा मामला।
हिंदू सेना के अध्यक्ष बोले- ये राम का देश है…
हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि ‘हिंदू सेना लंबे समय से मांग कर रही है कि बाबर रोड का नाम बदल दिया जाए। यह देश भगवान श्री राम, श्री कृष्ण, श्री वाल्मीकि, गुरु रविदास जैसे महापुरुषों का देश है। अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। जब बाबर की बाबरी ही नहीं है, तो दिल्ली में बाबर रोड का क्या काम है?’ ये राम का देश है। यहां मुगलों का कोई काम नहीं। इसलिए बाबर रोड का नाम बदलकर अयोध्या मार्ग कर देना चाहिए।
पत्र लिखकर की थी नाम बदलने की मांग
राम मंदिर उसी जगह बना है, जहां पहले मुगल शासक बाबर के नाम पर बनाई गई मस्जिद थी। हिंदू सेना इससे पहले 8 जनवरी को नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) को पत्र लिखकर इस सड़क का नाम बाबर रोड से बदलकर अयोध्या मार्ग करने की मांग कर चुका है।
5 अगस्त मार्ग नाम रखने की उठी थी मांग
2020 में भाजपा ने बाबर रोड का नाम 5 अगस्त मार्ग किए जाने की मांग उठाई थी। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय गोयल ने इसकी मांग की थी। उन्होंने कहा था कि बाबर रोड का नाम बदलकर 5 अगस्त मार्ग कर देना चाहिए। उन्होंने गृह मंत्रालय के अलावा नई दिल्ली नगर निगम को भी इस मामले में लेटर लिखा था। उन्होंने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचकर बाबर रोड के बोर्ड पर क्रॉस का निशान लगाकर 5 अगस्त रोड का पोस्टर भी चिपका दिया था।
पहले भी बदले जा चुके हैं इन जगहों के नाम
ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी रोड या जगह का नाम बदलने की मांग की जा रही है। इससे पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली के मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया था। इसके साथ ही दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम भी बदला जा चुका है। तत्कालीन सांसद महेश गिरि की मांग पर 28 अगस्त 2015 को औरंगजेब रोड का नाम बदलकर डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम रोड कर दिया गया था।
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