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Power Crisis : कोयले की कमी से दिल्ली में हो सकती है बत्ती गुल, मेट्रो-अस्पतालों की सेवा हो सकती है ठप्प!

Power Crisis : कोयले की कमी से दिल्ली में हो सकती है बत्ती गुल, मेट्रो-अस्पतालों की सेवा हो सकती है ठप्प!
देश के तमाम राज्यों में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। इन सबके बीच दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में कोयला संकट की भी खबरें सामने आ रही हैं। कई राज्यों में बिजली की मांग व आपूर्ति में भारी अंतर होने से घंटों कटौती की जा रही है। दिल्ली सरकार ने केंद्र को चेताया है कि बिजली आपूर्ति करने वाले पावर प्लांट्स में कोयले की कमी है। ऐसे में मेट्रो ट्रेन और अस्पतालों समेत सभी अहम संस्थानों को बिजली आपूर्ति करने में समस्या आ सकती है।

रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच बिजली संकट

दिल्ली में पारा चढ़ने के साथ ही बिजली की मांग भी बढ़ती जा रही है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के अनुसार बुधवार को मांग 5,769 मेगावाट थी, जो गुरुवार को 3.7 फीसदी और बढ़ गई। चालू माह में पहली बार मांग 6000 मेगावाट तक पहुंच गई। अधिकारी के मुताबिक इस साल अधिकतम मांग 8200 मेगावाट तक रह सकती है। दिल्ली में इस साल रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है। इस कारण लोग अपने घरों और ऑफिसों में कूलर-एसी का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं और इसका सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ा रहा है।

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री ने केंद्र को लिखा पत्र

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने पर्याप्त कोयला आपूर्ति को लेकर केंद्र को पत्र लिखा है। इसमें लिखा गया है कि दादरी-राष्ट्रीय राजधानी पावर स्टेशन और फिरोज गांधी ऊंचाहार थर्मल पावर प्लांट से बिजली आपूर्ति बाधित होने से दिल्ली मेट्रो, अस्पतालों समेत कई जरूरी संस्थानों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति में दिक्कत हो सकती है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक, मौजूदा समय में दिल्ली में बिजली की 25-30% मांग इन बिजली स्टेशनों के माध्यम से पूरी की जा रही है, और इन पावर स्टेशनों को कोयले की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ये भी पढ़ें- Encounter in Delhi: CR Park में दिल्ली पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, गोलीबारी में एक अपराधी घायल

दिल्ली ही नहीं 12 और राज्यों में कोयले की कमी

भीषण गर्मी और कोयले की कमी के चलते देश के 13 राज्य बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। भारत में पिछले हफ्ते 623 मिलियन यूनिट बिजली की शॉर्टेज हुई है। यह पूरे मार्च महीने में हुई शॉर्टेज से ज्यादा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से बिजली संकट की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में भारत में बिजली संकट और गहरा सकता है।

मध्य प्रदेश में गहरा रहा बिजली संकट!

मध्य प्रदेश को रोजाना 14 रैक कोयले की जगह 10 रैक कोयला ही मिल रहा है। इससे आने वाले समय में गंभीर बिजली संकट होने की आशंका बढ़ गई है। प्रदेश में बिजली की मांग 12 हजार मेगावाट की है, लेकिन 10 हजार मेगावाट बिजली ही मिल रही है। 2000 मेगावाट बिजली की कमी है। एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी को थर्मल प्लांट्स चलाने के लिए प्रतिदिन 58 हजार टन कोयले की जरूरत है, लेकिन करीब 50 हजार मीट्रिक टन ही कोयला मिल रहा है। ये भी पढ़ें- Corona Virus: देश में 24 घंटों में डेढ़ गुना हुआ कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा, एक्टिव केस भी 17 हजार के पार
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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