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दिल्ली-NCR की हवा में सुधार...! गंभीर से बहुत खराब कैटेगरी में आया AQI, सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते प्रदूषण पर सुनवाई आज

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दिल्ली-NCR की हवा में सुधार...! गंभीर से बहुत खराब कैटेगरी में आया AQI, सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते प्रदूषण पर सुनवाई आज
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी दिन पर दिन जहरीली होती जा रही है। हवा की क्वालिटी पिछले 8 दिनों से बेहद खराब है। हालांकि, मंगलवार को सुबह प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट आई और लगातार कई दिनों तक वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रहने के बाद ‘‘बहुत खराब'' श्रेणी में दर्ज की गई है। वहीं दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण की समस्या पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा।

कोर्ट ने दिया था एक हफ्ते का समय

कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर 31 अक्टूबर को चिंता जताई थी। कोर्ट ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को एक हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही कोर्ट इस बात की निगरानी करेगा कि मामले में क्या हो रहा है।

एयर क्वालिटी में हुआ सुधार

राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार (7 नवंबर) को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 394 दर्ज किया गया है, जबकि सोमवार शाम चार बजे एक्यूआई 421 दर्ज किया गया।  प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट आने के बावजूद पीएम2.5 (सूक्ष्म कण जो सांस लेने पर श्वसन प्रणाली में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं) की सांद्रता 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से सात से आठ गुना अधिक रही। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित स्वस्थ सीमा (15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से 30 से 40 गुना ज्यादा है।

पड़ोसी राज्यों की एयर क्वालिटी

पड़ोसी राज्य हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी हानिकारक वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। गाजियाबाद में AQI 338, गुरुग्राम में 364, नोएडा में 348, ग्रेटर नोएडा में 439 और फरीदाबाद में 382 दर्ज किया गया। दिल्ली सरकार ने दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता के और बिगड़ने की आशंका के कारण चार साल बाद सम-विषम कार योजना लागू करने की सोमवार को घोषणा की। इस योजना के तहत सम या विषम पंजीकरण संख्या वाली कारों को वैकल्पिक दिनों (एक दिन छोड़कर एक दिन) पर चलाने की अनुमति दी जाती है। शिकागो विश्वविद्यालय के ऊर्जा नीति संस्थान और ‘एविडेंस फॉर पॉलिसी डिजाइन' ने 2016 में सम-विषम नीति के असर का विश्लेषण किया था। जिसमें उन्होंने पाया था कि, दिल्ली में उस साल जनवरी में यह नीति लागू किए जाने के दौरान पीएम2.5 के स्तर में 14-16 फीसदी की कमी देखी गई। हालांकि, उसी साल जब अप्रैल में यह नीति फिर से लागू की गयी तो प्रदूषण में कोई कमी नहीं देखी गई।

दिल्ली में 5वीं तक के स्कूल 10 नवंबर तक बंद

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण (Pollution) के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने रविवार (5 नवंबर) को 5वीं कक्षा तक के स्कूलों को 10 नवंबर तक बंद करने का आदेश दिया। रखने का निर्णय लिया। दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक्स पर स्कूलों को बंद रखने की जानकारी दी। उन्होंने कहा चूंकि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा हुआ है। इसलिए दिल्ली में प्राइमरी स्कूल 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि कक्षा 6 से 12वीं तक के लिए स्कूलों को ऑनलाइन में शिफ्ट होने का विकल्प दिया जा रहा है।

जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव

  • 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
  • 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
  • 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
  • 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
  • 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
  • 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।
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Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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