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राम मंदिर में सीता-राम की एक साथ वाली स्तुति नहीं होगी

अयोध्या। अयोध्या में भव्य राम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पूजा पद्धति में बदलाव की बात सामने आई है। रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया है कि अब माता सीता और प्रभु श्रीराम की एक साथ वाली स्तुति नहीं होगी। आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया, राम मंदिर में प्रभु श्रीराम बालरूप में होंगे, इसलिए सीता-राम की साथ वाली स्तुति अब नहीं होगी। उन्होंने कहा, राम उनके चार भाई, तीन माता, सरयू मैया और अयोध्या नाथ की स्तुति होगी। पूजा पद्धति में बदलाव की पुस्तिका रामलला के मुख्य पुजारी समेत प्रशिक्षण ले रहे सभी पुजारियों को भेजी गई है। बता दें, राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पूरे अयोध्या को सजाया जा रहा है। तैयारियां लगातार जारी हैं।

2400 किलो का घंटा, 5 सौ किलो का नगाड़ा गिμट

इधर 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है। इस अवसर पर रामलला के लिए रामभक्त ऐसी-ऐसी भेंट भेज रहे हैं जो अपने आप में अद्वितीय हैं। एटा के जलेसर से एक रामभक्त ने रामलला के लिए 2400 किलो का घंटा भेंट स्वरूप भेजा है। जो कि छह फुट लंबा और पांच फुट चौड़ा है। इसका वजन 2400 किलोग्राम है।

भेंट में आया पांच सौ किलो का नगाड़ा:

रामलला के लिए रामभक्तों ने 500 किलो का नगाड़ा भेजा है। जो कि राम मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इसे बजाने पर 10 किलोमीटर दूर तक आवाज जाएगी।

सबसे बड़ी अगरबत्ती :

गुजरात के बड़ौदा से रामलला के लिए दुनिया की सबसे बड़ी 108 फीट लंबी अगरबत्ती लाई गई है।

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