
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के पास ग्राम पिगडंबर में 6 वर्षीय मासूम हर्ष चौहान की 4 करोड़ रुपए के लिए हत्या करने के मामले में जिला कोर्ट ने फैसला सुनाया है। दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना 5 फरवरी 2023 की है।
वकील आशीष शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी विक्रांत और ऋतिक को फांसी की सजा सुनाई गई है। दूसरे आरोपी हरिओम को बरी कर दिया गया है। बता दें कि हर्ष के पिता जितेंद्र चौहान कांग्रेस नेता हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, रविवार (5 फरवरी, 2023) शाम को 6 वर्षीय हर्ष हमेशा की तरह घर के बाहर ही खेल रहा था। उसी दौरान आरोपी ऋतिक उसके यहां आया और घुमाने ले जाने का कहकर साथ ले गया। देर शाम पुलिस को जैसे ही मासूम के अपहरण की सूचना मिली। पुलिस सक्रिय हो गई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जब दोनों ही आरोपी परिचित निकले तो परिवार भी दंग रह गया। रितेश उर्फ ऋतिक और विक्की उर्फ विक्रांत ने यह साजिश रची थी।
पुलिस को आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि, जिस नंबर से उन्होंने फिरौती मांगी थी वह सिम कार्ड पिछले साल उज्जैन से खरीदा था। सिम आगर शाजापुर के किसी व्यक्ति के नाम से था। वहीं जिस कार में दोनों आरोपी मासूम को लेकर गए थे, वह विक्की की किसी रिश्तेदार की थी। जिस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है।
विक्की ने बताया कि पहले उन्होंने बच्चे को बातों में उलझाया और ओंकारेश्वर जाने का बोलकर उसे लेकर निकले थे। जब घर से सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो ऋतिक हर्ष को ले जाते हुए दिखाई दिया।
आरोपी को दादू कहकर बुलाता था मासूम
दोनों आरोपियों के बारे में पुलिस ने बताया कि कुछ समय पहले हर्ष चौहान के पिता जितेंद्र चौहान की कोई बड़ी डील हुई थी। ऋतिक उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानता था। उसने चाचा अशोक के बेटे विक्की उर्फ विक्रम के साथ साजिश रचना शुरू की थी। अशोक शाजापुर जिले में सिपाही के पद पर पदस्थ रहा है, उसके निधन के बाद विक्की के बड़े भाई देवेश को कॉन्स्टेबल में अनुकंपा नौकरी लग गई। वहीं, ऋतिक पीथमपुर की एक फैक्ट्री में काम करता था और राव सर्कल के पास किराए से रहता था। करीब 15 दिन से उसने हर्ष से नजदीकियां बढ़ा ली थी और उसके साथ घूमना फिरना भी शुरू कर दिया था। मृतक हर्ष विक्की को दादू कह कर बुलाता था।
पिता को छुड़वाया इसलिए पाल रखी थी रंजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि, ऋतिक की मां कि 15 साल पहले हत्या हो गई थी। उसके पिता सुभाष ने ही उसे जलाकर मार दिया था। सुभाष कुछ समय पहले जेल से छूटा था और हर्ष के पिता जितेंद्र ने ही ऋतिक के पिता सुभाष को जेल से छूटने में मदद की थी। वहीं आरोपी ऋतिक को इस बात का मलाल मन में था कि, जितेंद्र ने पिता को क्यों छुड़वाया और वह इस बात की मन में रंजिश पाले हुए था।
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