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भोपाल में लगा आमों का मेला, अलीराजपुर के नूरजहां की कीमत सुन चौंक जाएंगे आप...

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भोपाल में लगा आमों का मेला, अलीराजपुर के नूरजहां की कीमत सुन चौंक जाएंगे आप...
भोपाल। मध्य प्रदेश में “आम” के जायके के “खास” शौकीन रहते हैं। यही वजह है कि हर साल यहां आम महोत्सव लगाया जाता है। इसमें प्रदेश की ऐसी आम की प्रजातियां पेश की जाती हैं, जिनके बारे में ज्यादा लोग जानते नहीं हैं। इस बार भी यहां एमपी के आमों के कुछ खास जायकों का बाजार सजाया गया है। नाबार्ड का ये आम महोत्सव 18 जून तक चलेगा। इसमें आई हुई आम की कुछ वैरायटी ऐसी हैं, जिन्हें लेकर लोगों में खास दिलचस्पी है.... तो जानिए आम के इन खास जायकों के बारे में...

नूरजहां.. एक आम की कीमत 5 हजार तक

[caption id="attachment_121885" align="aligncenter" width="600"] नूरजहां आम[/caption] राजधानी भोपाल के इस आम महोत्सव में सबसे ज्यादा चर्चा इसी आम की है। अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा में केवल एक पेड़ पर ही आम की ये बेहद खास प्रजाति उगती है। सीजन में केवल 18 से 20 आम लगते हैं, इसलिए इसकी विदेश से भी एडवांस बुकिंग होती है। नूरजहां को भोपाल लाने वाले आदिवासी किसान रोमेल बघेल बताते हैं कि इस आम की कीमत इस साल 1500 से 1800 रूपए किलो तक जा पहुंची है और एक आम का वजन ढाई से तीन किलो तक होता है ऐसे में  एक आम की कीमत ही 5000 रुपए तक हो जाती है... हालांकि भोपाल में जो आम लाया गया है वह 1 किलो 100 ग्राम का है और इसकी कीमत लगभग 2000 रुपए है।

जीआई टैग रीवा का सुंदरजा आम

आशीष मिश्रा नाम के किसान रीवा से आम की बेहद खास किस्म सुंदरजा को लेकर आए हैं। यह एमपी का इकलौता आम है जिसे जीआई टैग हासिल है। इसमें शुगर कंटेंट कम होता है और इसमें खुशबू अन्य आमों के मुकाबले कहीं ज्यादा होते हैं। 300 रूपए किलो तक दाम वाले सुंदरजा आम रीवा जिले के गोविंदगढ़ इलाके में ही होते हैं। इसे जीआई टैग भी केवल रीवा जिले के लिए ही मिला है।

केसर की मिठास के भी चर्चे

अलीराजपुर के नूरजहां के साथ ही केसर आम के चर्चे भी खूब हो रहे हैं। यथा नाम तथा गुण वाली ये वैरायटी वैसे तो मूल रूप से गुजरात की कैशर केरी से उपजी है, लेकिन इसे एमपी में केसर के नाम से उगाया जा रहा है। गुजरात की सीमा से सटे इलाकों में उगाई जाने वाले केसर आम का स्वाद मिठास में बाकी आमों से ज्यादा मीठा और इसका रंग सिंदूरी रंगत लिए होता है। यह वैरायटी अब देश भर में फेमस हो चुकी है।

इन आमों का भी प्रदर्शनी में बोल-बाला

झाबुआ का राजापुरी आम भी इस प्रदर्शनी में पेश किया गया है। यह आम आकार में काफी बड़ा होता है। इसका जायका भी अलग हटकर होता है। इसके साथ ही एमपी में उगाई जा रही तोतापुरी किस्म को भी यहां रखा गया है। इस आम को खाने से ज्यादा जैली, मुरब्बा और जैम बनाने में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा आम्रपाली जैसी वैरायटी भी यहां मौजूद है।

11 जिलों के किसान लेकर आए अपनी उपज

इस साल आम महोत्सव के सातवें संस्करण में 11 जिलों के किसान आम लेकर यहां आए हैं, जिनमें से अधिकांश आदिवासी हैं। नाबार्ड के प्रोजेक्ट के तहत इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार, के मुताबिक 18 जून तक चलने वाले इस महोत्सव में आम की बिक्री बढ़ाने, किसानों को नया बाजार दिलाने और आम का अच्छा भाव किसानों को दिलाने के लिए यह प्रयास किए जाते है। (इनपुट - तरुण यादव) ये भी पढ़ें- कुवैत से 45 भारतीयों के शव कोच्चि एयरपोर्ट लाए गए, केरल के CM पिनाराई विजयन ने दी श्रद्धांजलि
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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