
भोपाल। 7 अगस्त को राजधानी में दिनदहाड़े रचना टावर दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात के तीन आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि शराब कंपनी आरएस लिकर का पूर्व ड्राइवर मदनलाल सेन ही इस लूट का मास्टरमाइंड है। घटनास्थल से मिले सबूतों, सीसीटीवी के फुटेज और मोबाइल नंबरों की ट्रेकिंंग के बाद पुलिस ने सबसे पहले मदन को हिरासत में लिया। उससे सख्ती से पूछताछ की तो सारी कहानी सामने आ गई। इस वारदात में शामिल एक आरोपी अब भी फरार है।
यूपी से बदमाश बुलाकर कराई लूट की वारदात
रचना नगर कॉलोनी को भोपाल की सबसे पॉश और सुऱक्षित बिल्डिंग माना जाता है। असल में यहां माननीयों (विधाय़कों-सांसदों) के लिए मकान बनाए गए थे। इनमें से कई फ्लैट कुछ विधायकों और पूर्व विधायकों ने किराए पर दे रखे हैं। इन्ही में से एक फ्लैट पर 7 अगस्त की सुबह शराब कंपनी आरएस लिकर द्वारा किराए पर लिए गए एक फ्लैट में दो लुटेरों ने धावा बोला था। वे कंपनी के स्टाफ को बंधक बनाकर लगभग 11 लाख की नकद रकम लूटकर ले गए थे। ये रकम शराब कंपनी की भोपाल में स्थित चार दुकानों से बिक्री के बाद देर रात लाई गई थी। लूट की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इस बेहद सुरक्षित परिसर में दिनदहाड़े हुई इस लूट की वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे।
25 किमी की रेंज में CCTV और मोबाइल किए ट्रैक
इस घटना की जानकारी लगते ही पुलिस एक्टिव हुई। घटना के वीडियो वायरल हो रहे थे, लिहाजा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। पुलिस ने तत्काल इस वारदात के बाद आस-पास के इलाकों की नाकाबंदी की और संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। पुलिस के आला अफसरों ने इस घटना के बाद अलग-अलग थानों के चुनिंदा पुलिस स्टाफ की 8 टीमें बनाईं और हर एंगल से पड़ताल शुरू की। इस दौरान लिकर कंपनी के भोपाल में पदस्थ सभी 28 कर्मचारियों से पूछताछ की गई। इसके साथ ही 25 किलोमीटर की रेंज में लगे लगभग 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। इसके अलावा घटना के दौरान आस पास एक्टिव 100 से ज्यादा मोबाइल फोन को ट्रैक किया गया। आखिरकार पुलिस को तीन दिनों की मशक्कत के बाद लूट का पहला सुराग मिल ही गया।
पुराने ड्राइवर ने यूपी से बुलाए बदमाश
इस घटना का मास्टर माइंड मदनलाल सेन नाम का एक व्यक्ति निकला जो कंपनी का ही पुराना ड्राइवर था। उसी ने इस वारदात की योजना बनाई और इसके लिए यूपी के बागपत से अपने दो बदमाश साथियों संजय कश्यप और चरण जाट को भोपाल बुलाया। यूपी के रहने वाले दोनों बदमाशों के अलावा भोपाल में रहने वाली उसकी मुंहबोली बहन सुषमा रायकवार भी इस वारदात में शामिल थी। 6 तारीख को बदमाशों को रचना टॉवर की रैकी कराने के बाद इसी महिला के घर रखा गया था।
7 तारीख को लूट की वारदात के बाद रचना टॉवर के बाहर सुषमा और मदनलाल दोनों अलग-अलग स्कूटर लेकर पास ही बने सुभाष नगर विश्राम घाट पर खड़े थे। लूटे गए पैसों में से इन दोनों का हिस्सा देने के बाद सुषमा और मदनलाल ने इन दोनों को वापस यूपी रवाना कर दिय़ा। पुलिस जांच में सामने आया है कि चरण और संजय पर कई आपराधिक केस पहले से दर्ज हैं, जबकि मदनलाल भी हत्या के एक मामले में बैतूल जेल में बंद रहा है।
घटना के बाद बंद कर लिए थे अपने मोबाइल
सुषमा और मदन ने लूट की वारदात के बाद अपने मोबाइल बंद कर लिए थे और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। हालांकि भोपाल पुलिस ने की टेक्निकल टीमों ने इस वारदात का सुराग लगा लिया था। इसके बाद मदनलाल और सुषमा को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया तो सारी कहानी सामने आ गई।
भोपाल पुलिस की एक टीम ने बागपत जाकर संजय कश्यप को भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चरण जाट अब भी फरार है। इस केस में अब तक पुलिस लूटे गए कैश को बरामद नहीं कर सकी है, क्योंकि इस रकम को अलग अलग खातों में जमा करवा दिया गया है। ऐसे में पुलिस इन बैक अकाउंट्स को सीज करने की कार्रवाई करेगी।