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मशहूर भरतनाट्यम डांसर डॉ. यामिनी कृष्णमूर्ति का निधन, 84 की उम्र में ली अंतिम सांस

एंटरटेनमेंट डेस्क। पद्म विभूषण एवं दिग्गज भरतनाट्यम डांसर डॉ. यामिनी कृष्णमूर्ति का निधन हो गया है। शनिवार (3 अगस्त) को उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 84 साल की थीं और बीते 7 महीने से आईसीयू में भर्ती थीं। कृष्णमूर्ति के मैनेजर और सेक्रेटरी गणेश ने इस दुखद खबर पुष्टी की है। इस खबर ने प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया है और वह कृष्णमूर्ति को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। हेल्थ संबंधी कई दिक्कतों के चलते पद्म विभूषण डॉ. यामिनी कृष्णमूर्ति को अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

7 महीने से ICU में थीं भर्ती

कृष्णमूर्ति के मैनेजर और सचिव गणेश ने अपने बयान में बताया, ‘वह उम्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं और पिछले 7 महीने से ICU में थीं।’ कृष्णमूर्ति का पार्थिव शरीर रविवार सुबह 9 बजे उनके संस्थान ‘यामिनी स्कूल ऑफ डांस’ में लाया जाएगा, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। उनके अंतिम संस्कार के विवरण को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। कृष्णमूर्ति के परिवार में दो बहनें हैं।

भरतनाट्यम-कुचिपुड़ी के लिए मशहूर

डॉ. यामिनी कृष्णमूर्ति इंडियन क्लासिकल डांस की महारती थीं। उन्हें खासतौर पर भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी में अपनी एक्सपर्टीज के लिए जाना जाता था। उनका जन्म 20 दिसंबर 1940 को आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के मदनपल्ली में हुआ था। जबकि यामिनी पली-बढ़ी तमिलनाडु के चिदम्बरम में। 957 में डॉ. कृष्णमूर्ति ने मद्रास में बतौर डांसर अपने काम की शुरुआत की। उन्हें तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की अस्थाना नर्तकी (रेजिडेंट डांसर) होने का सम्मान प्राप्त था। उन्हें कुचीपुड़ी नृत्य शैली की अगुवा के तौर पर जाना जाता था। वे भारत की सबसे पॉपुलर भरतनाट्यम डांसर थीं।

देश के तीन सर्वोच्च सम्मानों से थीं अलंकृत

डॉ. यामिनी कृष्णमूर्ति को देश के 4 में से तीन सर्वोच्च सम्मान प्राप्त थे। भारत सरकार ने 1968 में उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्मश्री’ से अलंकृत किया था। 2001 ने उन्हें देश का तीसरा सबसे बड़ा अलंकरण ‘पद्म भूषण’ मिला और 2016 में उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें नृत्य क्षेत्र में कई अन्य बड़े सम्मान भी प्राप्त हुए थे। डॉ. यामिनी कृष्णमूर्ति ने अपनी ऑटोबायोग्राफी भी लिखी थी, जिसका टाइटल ‘अ पैशन फॉर डांस’ है। उनकी इस किताब को पाठकों का बहुत प्यार मिला था।

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