बेटमा का ऐतिहासिक दशहरा-300 वर्षों से घुड़दौड़, मटकी फोड़, निशानेबाजी की परंपरा, ASP ने तैयारियों का लिया जायजा

बेटमा। करीब 300 वर्षों से चली आ रही घुड़दौड़ और मटकी फोड़ निशानेबाजी की अनूठी परंपरा के लिए देश-प्रदेश में पहचान रखने वाले बेटमा के ऐतिहासिक दशहरा उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। विजयादशमी पर मां अमन-चमन पहाड़ी पर आयोजित होने वाले पारंपरिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण राज, एसडीओपी संघ प्रिय सम्राट और बेटमा थाना प्रभारी रंजीत सिंह बघेल ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और मैदान की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
घुड़दौड़ और निशानेबाजी स्थल का किया निरीक्षण
अधिकारियों ने मां अमन-चमन पहाड़ी पर घुड़दौड़ और मटकी फोड़ निशानेबाजी के लिए निर्धारित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान आयोजन स्थल पर मौजूद व्यवस्थाओं, दर्शकों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रतियोगिताओं के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए। निरीक्षण के दौरान घुड़दौड़ के मैदान में कुछ स्थानों पर पत्थर पड़े होने की जानकारी सामने आई। इस पर संबंधित लोगों से संपर्क कर पत्थरों को हटवाने और मैदान को साफ एवं सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि घोड़ों की दौड़ के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बेटमा का दशहरा अपनी करीब 300 वर्ष पुरानी घुड़दौड़ और मटकी फोड़ निशानेबाजी की परंपरा के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। विजयादशमी पर इन प्रतियोगिताओं को देखने के लिए बेटमा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजन स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई और दर्शकों की आवाजाही की समुचित व्यवस्था करना महत्वपूर्ण है।
निशानेबाजी प्रतियोगिता के लिए करीब 30 आवेदन जमा
दशहरे पर होने वाली मटकी फोड़ निशानेबाजी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अब तक करीब 30 लोगों ने बेटमा थाने में आवेदन जमा किए हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले आवेदकों के शस्त्रों और लाइसेंस की जांच की जाएगी। इसके साथ ही आवेदकों की पृष्ठभूमि का भी सत्यापन किया जाएगा। जांच के दौरान यदि किसी आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है या शस्त्र अथवा लाइसेंस से संबंधित कोई अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार उसे प्रतियोगिता में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निशानेबाजी प्रतियोगिता निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न हो।
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अतिरिक्त बैरिकेडिंग और पार्किंग व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण के दौरान भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए, ताकि दर्शकों की आवाजाही नियंत्रित रहे और प्रतियोगिता स्थल पर भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति न बने। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग स्थान चिह्नित किया गया है। पार्किंग क्षेत्र में लाइनें डालकर व्यवस्था स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए, जिससे वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थल की जानकारी आसानी से मिल सके।
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