आशुतोष रांका-सौरव दास की रिहाई अटकी, मजिस्ट्रेट को धमकी के आरोप में FIR

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत का मामला नया मोड़ ले चुका है। सुनवाई से पहले विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट को धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस घटनाक्रम के कारण जमानत की प्रक्रिया प्रभावित हुई और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
आशुतोष रांका-सौरव दास की रिहाई अटकी, मजिस्ट्रेट को धमकी के आरोप में FIR
जमानत मामले में मजिस्ट्रेट को धमकी

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई का इंतजार लंबा हो गया है। दोनों की जमानत पर सुनवाई के दौरान विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट को धमकी मिलने का मामला सामने आया। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। दिल्ली पुलिस ने धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। पार्टी ने जमानत की प्रक्रिया में देरी पर सवाल उठाए हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मजिस्ट्रेट को धमकी मिलने के बाद दर्ज हुई FIR

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, मजिस्ट्रेट को कथित तौर पर दोनों नेताओं को जल्द रिहा करने के लिए दबाव डालने वाली धमकी मिली थी। हालांकि, धमकी देने वालों की पहचान अभी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद जमानत की सुनवाई नहीं हो सकी और मजिस्ट्रेट ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए मामले से खुद को अलग कर लिया।

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए थे दोनों नेता

आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल में प्रवेश किया। इसके बाद 14 अक्टूबर को दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। दोनों की रिहाई के लिए जमानत की प्रक्रिया चल रही थी लेकिन मजिस्ट्रेट को कथित धमकी मिलने के बाद मामला अटक गया।

CJP ने जमानत प्रक्रिया पर उठाए सवाल

पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि जमानत की सुनवाई में काफी देरी हुई और चार जमानतदारों को स्पष्ट कारण बताए बिना खारिज कर दिया गया। उनके मुताबिक, वह सुनवाई के लिए सुबह से मौजूद थीं लेकिन संबंधित अधिकारी शाम करीब 5:30 बजे पहुंचे। पार्टी ने मांग की कि धमकी के मामले की स्वतंत्र जांच हो और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की मदद से यह पता लगाया जाए कि मजिस्ट्रेट का नंबर किन लोगों के पास था।

अभिजीत दीपके ने आगे की रणनीति का किया ऐलान

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई के बाद पार्टी के सदस्य एक साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की गिरफ्तारियों और हिरासत की कार्रवाई से पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। दीपके ने कहा कि संगठन अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वह कानूनी मामलों पर चर्चा के लिए वृंदा करात से मुलाकात करेंगे।

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तिरंगा मार्च को लेकर भी दर्ज हुईं FIR

CJP के प्रदर्शन और तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने पहले भी कई FIR दर्ज की हैं। इनमें कुछ पार्टी नेताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों के नाम शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए हैं। वहीं, पार्टी अपनी कार्रवाई को लेकर कानूनी रास्ता अपनाने की बात कह रही है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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