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ट्रंप ने भ्रष्टाचार से जुड़ा कानून किया निरस्त, अडाणी को मिलेगी राहत!

विदेशी अफसरों को घूस देने पर अब कार्रवाई नहीं

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा निर्णय लेते हुए करीब 50 वर्ष पुराने फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट 1977 (एफसीपीए) को रद्द कर दिया है। ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए अमेरिकी न्याय विभाग को निर्देश दिया कि वह व्यापार हासिल करने के लिए विदेशी सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोपी अमेरिकियों पर मुकदमा चलाना बंद कर दें।

ट्रंप ने आदेश में अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को निर्देश दिया कि वे विदेशी भ्रष्ट आचरण एक्ट के तहत कार्यवाही को तब तक रोक दें, जब तक वे संशोधित प्रवर्तन दिशा-निर्देश जारी नहीं करते हैं। इस फैसले का सीधा असर भारतीय उद्योगपति गौतम अडाणी पर पड़ेगा, जिन पर अमेरिका में इसी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह आदेश पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से पहले आया है। पीएम 12 फरवरी को अमेरिका पहुंचेंगे।

भारत 30 वस्तुओं पर कम कर सकता है टैक्स

भारत ने अमेरिका को खुश करने की तैयारी कर ली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत अमेरिका से आने वाली कुछ चीजों पर टैरिफ कम कर सकता है। ऐसा इसलिए, ताकि अमेरिका भी बदले में भारत से जाने वाली चीजों पर ज्यादा टैक्स न लगाए।

विवाद से बचने की कोशिश

नोमुरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अमेरिका से बढ़े हुए जवाबी टैरिफ से बचने के लिए 30 से ज्यादा चीजों पर टैरिफ कम कर सकता है। मतलब साफ है, भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक झगड़ा नहीं चाहता। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत, अमेरिका के साथ व्यापारिक विवादों से बचने की कोशिश कर रहा है।

इन पर कम होगा टैरिफ

भारत अच्छे व्यापारिक संबंध बनाए रखने की अपनी रणनीति के तहत लग्जरी गाड़ियों, सोलर सेल और रसायनों पर और टैरिफ कम करने पर विचार कर रहा है।

एफसीपीए ने अमेरिका को वैश्विक भ्रष्टाचार से निपटने में अग्रणी बनाया है। ट्रंप का कार्यकारी आदेश वैश्विक भ्रष्टाचार के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को कम करता है। -गैरी कलमैन, कार्यकारी निदेशक, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल

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