
अशोक गौतम-भोपाल। प्रदेश में चालू 21 कोल ब्लॉकों से राज्य सरकार को हर वर्ष 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा। इससे करीब 30 हजार लोग रोजगार से भी जुड़ सकेंगे। खनिज विभाग अब 21 में 11 और खदानों के नीलामी करने जा रहा है। जबकि 10 खदानें पहले नीलाम की जा चुकी हैं। प्रदेश में चालू कोयला खदानों की संख्या 24 से अधिक हैं।
नीलामी की सूची में सबसे ज्यादा खदानें सिंगरौली जिले में हैं। अकेले नार्दन कोल फील्ड लिमिटेड (एनसीएल) की 13 खदानें हैं। सभी खदानों से सरकार को 35 सौ करोड़ रुपए सालाना रॉयल्टी मिल रही है। इसके साथ ही इन खदानों से करीब 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही यहां से 158.50 मिलियन टन कोयला अन्य राज्यों तथा विद्युत उत्पादन कंपनियों को सप्लाई किया जा रहा है। प्रदेश के कोल माइन्स से राज्य के खजाने में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
सात कंपनियों ने दिए कोयला उत्पादन बढ़ाने के प्रस्ताव
एनसीएल और डब्ल्यूसीएल सहित सात कंपनियों ने प्रदेश में उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा था जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसको लेकर अब कंपनियों ने वन एवं पर्यावरण विभाग से अनुमति मांगी है। अगर पर्यावरण की अनुमति मिल जाती है और उत्पादन बढ़ता है तो करीब 500 से 600 करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व बढ़ जाएगा। बताया जाता है कि वन विभाग ने इन कंपनियों के प्रस्तावों पर अपनी सहमति देते हुए केंद्र को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
दस खदानों में की जाएगी कोल मात्रा की खोज
प्रदेश में चार जिलों के दस क्षेत्रों में कोयले की खदानें चिंहित की गई हैं। अब इनमें कोयले की मात्रा, कोयले की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि कितनी गहराई पर कोयला निकाला जा सकता है। इसके आधार पर इन खदानों की कीमतें कोयला निकालने की मात्रा निर्धारित करते हुए इन्हें नीलामी के लिए ऑक्शन किया जाएगा। प्रदेश के जिन प्रमुख जिलों में यह खदानें मिलीं हैं उनमें अनूपपुर, सिंगरौली, उमरिया और शहडोल जिला शामिल हैं।
नरसिंहपुर में नया कोल ब्लॉक
नरसिंहपुर जिले में नया कोल ब्लॉक भी मिला है। अभी तक शहडोल, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, छिंदवाड़ा में ही कोयला के भंडार देखने में आए हैं। नरसिंहपुर कोल ब्लॉक से सरकार को 56 करोड़ रुपए सालाना मिलने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि इस जिले में गोटीटोरिया नामक खदान में कोयले की मात्रा और गुणवत्ता भी बेहतर है।
ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
अमिलिया नार्थ कोयले की खदान कई वर्ष से चालू होने की बात की जा रही है, लेकिन इनमें अब काम चालू हुआ है। ग्रामीणों को रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। -प्रशांत पटेल, निवासी, बड़ाअमिलिया, जिला सिंगरौली
जिलों में कई कोल ब्लॉकों की नीलामी की जा रही
प्रदेश खनिज संपदा में संपन्न राज्य है। बहुत सारे कोल ब्लॉकों की नीलामी की जा रही है, कुछ की नीलामी हुई है। इससे हजारों लोगों को रोजगार के साथ ही सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व मिलेगा। -फ्रेंक नोबल ए, संचालक, खनिज साधन विभाग