
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के दो नए जजों को भारत के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने शपथ दिलाई। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन. कोटिश्वर सिंह ने गुरुवार (18 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ ली और वह मणिपुर से सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने वाले पहले जज बन गए हैं। मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आर. महादेवन ने भी सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली।
सुप्रीम कोर्ट में दो जजों के रिटायर्ड होने के बाद पद खाली हुए। 10 अप्रैल 2024 को जस्टिस अनिरुद्ध बोस और 19 मई 2024 को जस्टिस एएस बोपन्ना रिटायर हुए। इसके साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई समेत जजों की संख्या 34 हो गई है जो कि पूर्ण है। अब पूरी क्षमता के साथ कोर्ट काम करेगा।
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SC कॉलेजियम ने केंद्र से की थी सिफारिश
केंद्र ने 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को स्वीकृति दे दी थी। सीजेआई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने 11 जुलाई को केंद्र से दोनों न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 11 जुलाई को इन दोनों नामों की सिफारिश करते हुए कहा था कि, सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में उनकी नियुक्ति से पूर्वोत्तर को प्रतिनिधित्व मिलेगा और विशेष रूप से वह मणिपुर राज्य से शीर्ष अदालत के न्यायाधीश नियुक्त होने वाले पहले न्यायाधीश होंगे।
मणिपुर के पहले जज जो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह मणिपुर से शीर्ष न्यायालय में नियुक्त होने वाले पहले न्यायाधीश बन गए हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 11 जुलाई को जस्टिस महादेवन के साथ उनके नाम की सिफारिश करते हुए कहा था, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति से पूर्वोत्तर को प्रतिनिधित्व मिलेगा। जस्टिस सिंह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले हैं।
जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह को अक्टूबर 2011 में गुवाहाटी हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। मणिपुर हाईकोर्ट के गठन के बाद उन्हें वहां स्थानांतरित कर दिया गया। फरवरी 2023 में उन्हें जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य जज नियुक्त किया गया और वह 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर फरवरी 2028 में रिटायर होंगे।
कौन हैं जस्टिस आर. महादेवन
जस्टिस आर. महादेवन वर्तमान में मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं। पदोन्नति के लिए उनके नाम की सिफारिश करते हुए कॉलेजियम ने कहा था कि जस्टिस महादेवन तमिलनाडु राज्य के एक पिछड़े समुदाय से हैं। उनकी नियुक्ति से पीठ में विविधता आएगी। कॉलेजियम ने इस तथ्य पर उचित संज्ञान लिया है कि जस्टिस महादेवन मद्रास हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीशों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जिनमें वे न्यायाधीश भी शामिल हैं जिन्हें मद्रास हाईकोर्ट के बाहर मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस स्तर पर कॉलेजियम ने पिछड़े समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के लिए जस्टिस महादेवन की उम्मीदवारी को प्राथमिकता दी है। जस्टिस महादेवन का जन्म 10 जून 1963 को हुआ था और वह जून 2028 में रिटायर होंगे।
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