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निमोनिया पीड़ित चार माह के मासूम को 21 बार गर्म सलाखों से दागा गया

शहडोल जिले के मैकी गांव का मामला, जिला अस्पताल में चल रहा बच्चे का इलाज
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निमोनिया पीड़ित चार माह के मासूम को 21 बार गर्म सलाखों से दागा गया

शहडोल। जिला मुख्यालय से लगे सोहागपुर थाना क्षेत्र के मैकी गांव में निमोनिया और सांस की तकलीफ होने पर 4 माह के मासूम भारत पिता अशोक बैगा को उसकी दादी ने ही घर में 21 बार गर्म सलाखों से दाग दिया। जब मासूम की हालत ज्यादा बिगड़ी तो उसे जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराया गया। फिलहाल बच्चे का जिला अस्पताल के एसएनसीयू में इलाज चल रहा है। वहीं मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। जिला चिकित्सालय में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णेंद्र द्विवेदी ने बताया कि दागे जाने से मासूम की हालत बिगड़ने पर 7 दिसंबर की सुबह 10.30 बजे उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। बच्चे को निमोनिया की वजह सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और वह मां का दूध भी नहीं पी पा रहा था। उपचार के बाद फिलहाल बच्चे की हालत में सुधार है, उसे अभी एक सप्ताह और अस्पताल में रखना पड़ेगा।

पूर्व में भी सामने आ चुके हैं दागने के मामले

गौरतलब है कि शहडोल आदिवासी बहुल जिला है। यहां आज भी बच्चों के बीमार होने पर झाड़ फूंककर उन्हें सलाखों से दागने की प्रथा जारी है। इससे पहले भी इसी वर्ष 21 नवंबर को जनपद पंचायत सोहगपुर के ग्राम हरदी में डेढ़ माह के मासूम प्रेम लाल को सांस लेने और पेट फूलने पर उसके परिजनों ने 51 बार गर्म सलाखों से दगवाया था। उपचार के बाद उसकी जान बचाई जा सकी। मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

मासूम बच्चे की हालत में हुआ सुधार

बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद बच्चे की हालत में अब सुधार है। -डॉ. आरएस पांडेय, सीएमएचओ, शहडोल

स्वास्थ्य अमला अलर्ट पर

मैदानी स्वास्थ्य अमला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता आदि को ऐसे मामले को लेकर एलर्ट पर रखा गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे दगना प्रथा के खिलाफ ग्रामीणजनों को समझाइश दें। -वंदना वैद्य, कलेक्टर, शहडोल

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

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