
सीकर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राजस्थान के सीकर दौरे पर पहुंचे। पीएम मोदी ने कांग्रेस का मतलब लूट की दुकान और झूठ का बाजार बताते हुए कहा है कि इस दुकान का सबसे ताजा प्रोडक्ट राजस्थान की ‘लाल डायरी’ है। उन्होंने सीकर में जनसभा को संबोधित करते हुए राजस्थान में चल रहे लाल डायरी के मुद्दे का जिक्र किया।
पन्ने खुले, तो अच्छे-अच्छे निपट जाएंगे : मोदी
पीएम मोदी ने कहा, आपने लाल डायरी के बारे में सुना है ना, कहते हैं कि इस लाल डायरी में कांग्रेस सरकार के काले कारनामे दर्ज हैं। पीएम बोले कि लोग कह रहे हैं कि यदि लाल डायरी के पन्ने खुले, तो अच्छे-अच्छे निपट जाएंगे। कांग्रेस के बड़े से बड़े नेताओं की इस लाल डायरी का नाम सुनते ही बोलती बंद हो रही है। उन्होंने कहा कि ये लोग भले ही मुंह पर ताला लगा लें लेकिन यह लाल डायरी इस चुनाव में पूरी कांग्रेस का डिब्बा गोल करने जा रही है। मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लूट की दुकान और झूठ का बाजार सजाया है।
कांग्रेस की लूट की दुकान का सबसे ताजा प्रोडक्ट है- लाल डायरी। लोग कह रहे हैं कि इसमें राजस्थान की कांग्रेस सरकार के काले कारनामे दर्ज हैं। pic.twitter.com/4ESzOSeRJZ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 27, 2023
आपसी खींचतान एवं वर्चस्व की लड़ाई में बर्बाद किया समय
पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हर सरकार को अपने काम का हिसाब देना होता, लेकिन क्या राजस्थान में कांग्रेस अपने काम का हिसाब देती है। जो चार साल में सिर्फ सोयेगा वो अपने काम का हिसाब कैसे देगा। इन लोगों ने सरकार का हर दिन आपसी खींचतान एवं वर्चस्व की लड़ाई में बर्बाद किया है। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र की भाजपा सरकार लोगों के दुख दर्द में साथी बनकर जीवन की हर मुश्किलें कम करने के लिए काम कर रही है। वह देश के करोड़ों लोगों को पक्का घर बना कर लखपति बनाने का काम कर रही है।
विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने नाम बदलने का पैंतरा चला है। जिस प्रकार कोई कंपनी बदनाम होने पर नया बोर्ड लगाकर अपना काम करते हैं। इसी तरह ये दल ऐसी कंपनियों की नकल कर UPA से नाम बदलकर I.N.D.I.A कर लिया है। उन्होंने कहा कि नाम इसलिए बदला है ताकि ये कर्जमाफी के नाम पर किसानों से विश्वासघात छिपा सकें। साथ ही आतंकवाद के आगे घुटने टेकने की बात को भी छिपा सकें।