
पेरिस। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का फाइनल मुकाबला जीतने के लिए भारतीय टीम को 280 रन की जरूरत है। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक टीम इंडिया ने दूसरी पारी में 3 विकेट के नुकसान पर 164 रन बना लिए हैं। कोहली 44* और अजिंक्य रहाणे 20* रन पर खेल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी को आठ विकेट पर 270 रन पर घोषित कर शनिवार को यहां भारत को जीत के लिए 444 रन का विशाल लक्ष्य दिया है।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के छह विकेट 167 रन पर गिर गए थे, लेकिन कैरी ने 105 गेंद पर नाबाद 66 रन की पारी खेलते हुए स्टार्क के साथ 93 रन की साझेदारी की। स्टार्क ने 57 गेंद पर 41 रन बनाए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 270/8 के स्कोर पर अपनी पारी घोषित की। दिन की शुरुआत में भारत की कोशिश थी कि वह ऑस्ट्रेलिया को छोटे से छोटे स्कोर पर रोककर विशाल बढ़त न लेने दे। उमेश यादव ने अपने पहले स्पेल में मार्नस लाबुशेन (126 गेंद, 41 रन) को स्लिप में कैचआउट करवाकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई, हालांकि इसके बाद लंबे समय तक कोई विकेट नहीं गिरा। आधी टीम के 124 रन पर पवेलियन लौटने के बाद ग्रीन और कैरी ने पारी को संभाला। ग्रीन ने जहां धैर्य का प्रदर्शन किया, वहीं कैरी ने मौका मिलने पर चौका लगाने में देर नहीं की।
दोनों ने ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को 300 रन के पार पहुंचाते हुए छठे विकेट के लिए 43 बहुमूल्य रन जोड़े। जडेजा ने ग्रीन को आउट करके इस साझेदारी को समाप्त किया। जब धैर्यवान ग्रीन (95 गेंद, 25 रन) का विकेट गिरा तब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 167 रन था। ग्रीन-स्टार्क की जोड़ी ने लंच तक ऑस्ट्रेलिया को 200 रन के पार पहुंचाते हुए कोई और नुकसान नहीं होने दिया। पहली पारी में अर्धशतक से चूकने वाले कैरी ने 82 गेंद में 50 रन का आंकड़ा छुआ। कैरी ने ही 79वें ओवर में जडेजा को चौका लगाकर ऑस्ट्रेलिया की बढ़त 400 रन के पार भी पहुंचाई। यह विशालकाय बढ़त मिलने के बाद स्टार्क ने भी हाथ खोल लिए।