
भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में पीछे नहीं रहेगा। सरकार ने देश का पहला फाउंडेशनल AI मॉडल लाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) निर्माण, स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग और AI शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि भारत अगले 5-10 सालों में अपने GPU बनाने लगेगा और इस साल देश का अपना AI प्लेटफॉर्म तैयार हो जाएगा। आइए जानते हैं, भारत के AI मिशन से जुड़े बड़े ऐलान।
भारत का अपना फाउंडेशनल AI मॉडल
भारत सरकार India AI मिशन के तहत अपना खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) तैयार करेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार कम से कम 6 डेवलपर्स से संपर्क में है। LLM एक ऐसा AI मॉडल होगा, जो भाषा को समझने और इंसानों की तरह जवाब देने में सक्षम होगा। यह मॉडल भारतीय भाषाओं और जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा।
GPU खरीदने और निर्माण की तैयारी
AI को तेजी से विकसित करने के लिए सरकार 18,000 हाई-एंड GPU वाली कंप्यूटिंग फैसिलिटी तैयार कर रही है। इनमें से 10,000 GPU पहले ही उपलब्ध हो चुके हैं। सरकार ने उन 10 कंपनियों को भी चुना है, जो 18,693 GPU की सप्लाई करेंगी। इन कंपनियों में योट्टा, जियो प्लेटफॉर्म, टाटा कम्युनिकेशन और CMS कंप्यूटर्स शामिल हैं।
सिर्फ GPU खरीदने ही नहीं, बल्कि भारत में ही उन्हें बनाने की भी योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5-10 सालों में भारत अपना GPU निर्माण शुरू कर दे।
स्टार्टअप और रिसर्चर्स को सस्ते में मिलेगा GPU एक्सेस
सरकार AI स्टार्टअप और रिसर्चर्स को मदद देने के लिए कॉमन GPU कंप्यूट फैसिलिटी लॉन्च करेगी। इसके तहत, कोई भी स्टार्टअप या शोधकर्ता सिर्फ 150 रुपये प्रति घंटे की दर से हाई-एंड GPU एक्सेस कर पाएगा। इसके अलावा, सरकार इस सेवा पर 40% की सब्सिडी भी देगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।
AI शिक्षा के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
AI के विकास के लिए सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि एक्सपर्ट्स की भी जरूरत होगी। इसलिए, सरकार AI एजुकेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रोजेक्ट के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
भारत का AI मिशन क्यों है खास?
- भारत का पहला फाउंडेशनल AI मॉडल तैयार होगा।
- GPU निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम।
- सस्ते GPU एक्सेस से स्टार्टअप और रिसर्चर्स को फायदा।
- AI शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट।
भारत का AI मिशन देश को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। यह कदम भारत को ग्लोबल AI मार्केट में एक मजबूत खिलाड़ी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।