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WhatsApp के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस का कड़ा एक्शन, डायरेक्टर और नोडल अधिकारी को किया तलब

गुरुग्राम। व्हाट्सऐप की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है। आज की दुनिया में व्हाट्सऐप को मैसेजिंग का पर्याय माना जाता है, लेकिन साइबर ठग अब इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में गुरुग्राम पुलिस ने व्हाट्सऐप से साइबर क्राइम से जुड़ी जानकारी मांगी थी, जिसे कंपनी ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने व्हाट्सऐप के निदेशकों और नोडल अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है। बता दें, साइबर ठगों ने व्हाट्सऐप के इस्तेमाल से कई लोगों के बैंक खातों को निशाना बनाया है।

जानकारी देने से किया इनकार

पुलिस ने बताया कि 17 जुलाई को व्हाट्सऐप को एक संवेदनशील मामले की जांच के दौरान ईमेल के जरिए नोटिस भेजकर जानकारी मांगी गई थी। इस पर व्हाट्सऐप ने ना केवल जानकारी देने से इनकार किया बल्कि गैरकानूनी तरीके से आपत्ति भी जताई। इसके बाद पुलिस ने व्हाट्सऐप के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

पुलिस के अनुरोध पर भी नहीं दी जानकारी

गुरुग्राम पुलिस ने 17 जुलाई के नोटिस के बाद, 25 जुलाई को फिर से मेटा के इस मैसेजिंग ऐप को नोटिस भेजा और बताए गए मोबाइल नंबरों से संबंधित जानकारी मांगी। इस पर 28 अगस्त तक व्हाट्सऐप ने दोबारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पुलिस के कई बार अनुरोध करने के बावजूद भी कोई जानकारी नहीं मिली। इसे लेकर पुलिस का कहना है कि व्हाट्सऐप का यह रवैया कानून के निर्देशों का उल्लंघन है।

कंपनी के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस ने कहा कि कंपनी के गैर-पेशेवर रवैये के कारण आरोपियों को बल मिल रहा है और यह खतरनाक है। पुलिस का आरोप है कि व्हाट्सऐप जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। इस वजह से गुरुग्राम के साइबर क्राइम ईस्ट पुलिस स्टेशन में कंपनी के निदेशकों और नोडल अधिकारियों पर धारा 223 (ए), 241, 249 (सी) बीएनएस और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

साइबर क्राइम का बढ़ता दायरा

व्हाट्सऐप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके साइबर ठग कई लोगों को ठग चुके हैं। वे फर्जी इनवेस्टमेंट, योजनाओं और पार्ट-टाइम जॉब्स के नाम पर लोगों से लगातार ठगी कर रहे हैं। बीते कुछ सालों से ठगी के केस बढ़ते ही जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि देश में मौजूदा कानून के तहत व्हाट्सऐप जानकारी देने को बाध्य है, लेकिन फिर भी वो ऐसा नहीं कर रहा है। व्हाट्सऐप ने जानकारी न देकर जानबूझकर कानून का उल्लंघन किया है, जिसके चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

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