
रायसेन। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रही लड़ाई अब ग्रामीण महिलाओं तक पहुंच गई है। आबकारी विभाग की निष्क्रियता से नाराज महिलाएं अब खुद सड़कों पर उतर आई हैं और अवैध शराब के कारोबार को खत्म करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। देवरी के आदिवासी बहुल गांव कटक और जामनझिरी में महिलाओं ने अनोखा कदम उठाया। उन्होंने पूरे गांव में घूमकर अवैध शराब को जब्त किया और नारेबाजी करते हुए इसे सिर पर रखकर नदी के पुल तक ले गईं। इसके बाद शराब को नदी में फेंककर नष्ट कर दिया।
घरों का माहौल खराब हो रहा
महिलाओं का कहना है कि गांवों में अवैध शराब की बिक्री से घरों का माहौल खराब हो रहा है। उनका आरोप है कि आबकारी विभाग इस समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। उधर, रायसेन के चांदना गांव में भी अवैध शराब का कारोबार जोरों पर है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार के लोग खुद गांव में शराब छोड़कर जाते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।
राज्य मंत्री की चेतावनी भी बेअसर
बता दें कि करीब एक महीने पहले सार्वजनिक मंच से राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अवैध शराब के कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “अपनी नियम-विरुद्ध दुकानें बंद कर लीजिए, वरना बंद करा दी जाएंगी।” हालांकि, उनकी इस चेतावनी का कारोबारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। नतीजतन, महिलाओं को खुद आगे आकर यह जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया था प्रदर्शन
इससे एक दिन पहले, मंगलवार को जिले के कई गांवों की महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अवैध शराब के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा तो वे अपने स्तर पर यह लड़ाई जारी रखेंगे।