भूकंप के बाद ‘Aftershocks’ क्या होते हैं? जानें बचाव के जरूरी उपाय

शुक्रवार दोपहर थाईलैंड और म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। बैंकॉक में कई ऊंची इमारतें ढह गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। इसके कुछ ही समय बाद 6.4 तीव्रता के एक और झटके (Aftershock) ने डर को और बढ़ा दिया। आफ्टरशॉक्स अक्सर बड़े भूकंप के बाद महसूस किए जाते हैं और ये भी बिल्डिंग्स और घरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस स्थिति में सतर्कता और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।
क्या होता है ‘Aftershocks’?
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब किसी बड़े भूकंप के बाद कम तीव्रता वाले झटके महसूस होते हैं, तो इसे 'Aftershocks' कहा जाता है। ये झटके चट्टानों के अंदर और उनके बीच होने वाले खिंचाव में अचानक बदलाव के कारण आते हैं। हालांकि, इनकी तीव्रता मुख्य भूकंप से कम होती है, लेकिन कभी-कभी ये इतने मजबूत होते हैं कि भूकंप प्रभावित क्षेत्र में पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों को गिराने में सक्षम होते हैं।भूकंप और आफ्टरशॉक्स के दौरान क्या करें?
- घबराएं नहीं, शांत रहें
- खुले मैदान में चले जाएं
- दरवाजों, खिड़कियों और कांच से दूर रहें
- गाड़ी चला रहे हों तो क्या करें?
- आफ्टरशॉक्स का ध्यान रखें





















