यदि बिजली घर के पास या किसी बिजली लाइन पर गिरती है तो उसका असर घर तक पहुंच सकता है। ऐसे समय में सही अर्थिंग सुरक्षा कवच की तरह काम करती है।
बारिश और तूफान के दौरान अचानक हाई वोल्टेज आने से टीवी, फ्रिज, एसी, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो सकते हैं। घर की अर्थिंग सही है तो यह ज्यादा वोल्टेज को सुरक्षित तरीके से जमीन में पहुंचा देती है।
मजबूत अर्थिंग इस अतिरिक्त करंट को जमीन तक पहुंचा देती है, जिससे लोगों को झटका लगने की आशंका कम हो जाती है। इसके अलावा यह शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाओं को रोकने में भी मदद करती है।
घर की अर्थिंग जांचने के लिए आमतौर पर टेस्ट लैंप का इस्तेमाल किया जाता है। बल्ब का एक तार प्लग के फेज पॉइंट और दूसरा अर्थिंग पॉइंट में लगाया जाता है। अगर बल्ब पूरी रोशनी के साथ जलता है तो अर्थिंग सही मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल मानसून शुरू होने से पहले घर की वायरिंग और अर्थिंग की जांच जरूर करानी चाहिए। समय के साथ अर्थिंग सिस्टम कमजोर हो सकता है या उसमें खराबी आ सकती है।