‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…’ जय और वीरू की दोस्ती ने भारतीय सिनेमा में दोस्ती की नई परिभाषा लिख दी। मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देने वाली ये जोड़ी आज भी हर दोस्ती की मिसाल मानी जाती है।
तीन अलग-अलग स्वभाव के दोस्त, लेकिन दिल से एक-दूसरे के बेहद करीब। इस फिल्म ने मॉडर्न दोस्ती, ट्रैवल और रिश्तों को एक नई पहचान दी।
मुन्ना और सर्किट की दोस्ती में प्यार, भरोसा और बिना शर्त साथ दिखाई देता है। सर्किट का अपने भाई जैसे मुन्ना के लिए हर कदम पर खड़ा रहना इस जोड़ी को खास बनाता है।
‘मेरे करण अर्जुन आएंगे…’ भाईचारे और साथ की कहानी वाली ये जोड़ी दर्शकों के दिलों में आज भी जिंदा है। दो किरदारों की बॉन्डिंग ने फिल्म को यादगार बना दिया।
कॉलेज लाइफ की दोस्ती, सपनों का सफर और मुश्किलों में साथ निभाने की कहानी। रैंचो, फरहान और राजू की दोस्ती ने हर छात्र को अपने दोस्तों की याद दिला दी।
अमर और प्रेम की नोकझोंक, मस्ती और कॉमेडी ने दोस्ती को एक अलग अंदाज दिया। इनकी केमिस्ट्री आज भी दर्शकों को हंसाती है।
कई बार दोस्ती खून के रिश्तों से भी ज्यादा मजबूत होती है। फिल्मों में ऐसी दोस्तियां भी दिखीं जिन्होंने प्यार और इंसानियत का संदेश दिया।