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658 ग्रामों में सौ किमी दूर से लाया जा रहा पानी, अब तक 65% घरों में नल कनेक्शन

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सवा करोड़ घरों तक नल से पानी पहुंचाने में लगेंगे और एक साल

अशोक गौतम-भोपाल। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब सवा करोड़ घरों में नल कनेक्शन देने का टारगेट वर्ष 2025 में पूरा होने की संभावना है। अब तक 65 फीसदी घरों में ही नल कनेक्शन हुए हैं। इसके पीछे बड़े कारण सामने आए हैं कि कई गांवों में जल जीवन मिशन को सौ से डेढ़ सौ किमी दूर से पानी लाकर नल कनेक्शन देना पड़ रहा है। बड़े सतही जल स्रोतों की कमी के चलते दस परियोजनाओं पर विपरीत असर पड़ रहा है। ये परियोजनाएं एक हजार से 19 सौ करोड़ रुपए तक की हैं। रीवा में बाण सागर परियोजना 19 सौ करोड़ रुपए की है। गांव के मान से सबसे बड़ी परियोजना अशोक नगर और गुना की राजघाट परियोजना है।

बिछाई जा रही पाइप लाइन

जिन गांवों में सतही जल स्रोत 50 किमी दूर हैं, वहां पानी पहुंचाने में करीब एक साल का समय और लगेगा। रीवा, सीधी, सतना, अशोक नगर और देवास जिले के सात ब्लॉकों में सौ किमी से भी ज्यादा दूर से पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इसके लिए सरकार को अन्य परियोजनाओं से ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ रही है। हालांकि इन ब्लॉकों के लिए अलग से परियोजना नहीं बनाई गई है, समूह परियोजनाओं के साथ ही इन्हें भी जोड़ा गया है।

इन ब्लॉकों में आएगा सौ किमी दूर से पानी

प्रदेश के 658 गांवों में सबसे ज्यादा सौ किमी दूर से पानी आएगा। ये देवास, राघौगढ़, चाचोड़ा, अरोन, हनुमना, सिहावल, मझगवां जन पंचायते हैं। कई ऐसे जनपद पंचायत भी हैं जिनमें दूसरे जिले से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

10 हजार गांवों में आएगा 50 किमी दूर से पानी

24 जिलों के 10 हजार गांवों में 50 किमी दूर से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इन ब्लॉकों में नदी और तालाबों सहित अन्य सतही जल स्रोतों से ग्रामीणों को सालभर के पानी सप्लाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। इन गांवों तक पानी पहुंचाने में करीब आठ से दस माह का समय और लगेगा।

34 जिलों में 60 फीसदी घरों में कनेक्शन

34 जिलों के 60% घरों तक पानी पहुंचा दिया गया है। बुरहानपुर, निवाड़ी में सौ फीसदी और इंदौर, दतिया, खंडवा, नरसिंहपुर, हरदा, बालाघाट, राजगढ़, ग्वालियर, बैतूल जिले में 80 फीसदी से ज्यादा घरों में नल कनेक्शन किए जा चुके हैं, इन 50 फीसदी नल कनेक्शनों का सर्टीफिकेशन कराया गया है।

बड़ी परियोजनाओं के चलते लग रहा ज्यादा समय

हर घर तक नल से जल पहुंचाने में अभी एक वर्ष का और समय लगेगा। बड़ी परियोजनाओं के चलते इसमें समय लग रहा है। इन परियोजनाओं में तमाम तरह की अनुमतियां लेने और इंटेकबेल एवं टंकियां बनाने में समय लगेगा। हमें डेढ़ सौ किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। -एके अंधमान, प्रोजेक्ट डायरेक्टर,मप्र जल निगम

पानी कब तक घरों में पहुंचेगा, हमें कोई जानकारी नहीं

पानी सप्लाई के लिए 6 माह पहले पाइप लाइन डाल दी गई है। लेकिन पानी कब तक घरों में पहुंचेगा इसका अभी कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए अधिकारी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। -सतीश मिश्रा, ग्रामीण तहसील हनुमना रीवा

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