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Waqf Amendment Bill : राज्यसभा में वक्फ बिल पेश, चर्चा के दौरान रिजिजू बोले- ये बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं है

नई दिल्ली। लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया। उन्होंने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था। वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया।

इससे पहले लोकसभा में बुधवार को 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले।

जेपीसी ने जितना काम किया, किसी ने नहीं किया

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 राज्यसभा में पेश कर हुए कहा इस बिल को काफी चर्चा के बाद तैयार किया गया है। इसके बाद इसे जेपीसी के पास भेज दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया। इस बिल पर 2 अप्रैल को देर रात तक चर्चा के बाद आज सुबह लोकसभा से पारित कर दिया गया। कई सदस्यों ने कहा कि संशोधनों के लिए जितना समय मिलना चाहिए था, नहीं मिला। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने तय किया था कि इसे आज ही चर्चा के लिए लेना है। उन्होंने कांग्रेस की सरकार के समय गठित कमेटियों और सच्चर कमेटी की सिफारिशों का भी जिक्र सदन में किया। साथ ही कहा कि ये बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। आप इसका समर्थन करेंगे, ऐसी उम्मीद है।

रिजिजू ने वक्फ बिल राज्यसभा में किया पेश

लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल को पेश कर दिया है। इसपर चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक को लेकर जब मैं सदन में आया हूं, कुछ बातें रखना चाहता हूं कि सदन की मर्यादा भी बनी रहे। कमिटी बनने से पहले लोगों ने कहा कि इसका कंसलटेशन जितना होना चाहिए था उतना नहीं है। हमने देश भर में जितने स्टेकहोल्डर से, वक्फ बोर्ड के ऑफिसर, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के बाद संसद में पेश किया। जेपीसी ने जो काम किया है, इससे ज्यादा व्यापक काम आजतक नहीं हुआ है। अलग अलग क्षेत्रों के लोगों ने अपनी बातों को रखा और 97 लाख से भी ज्यादा और छोटे पत्रों को मिलाकर एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपना ज्ञापन सौंपा है। किसी बिल को एक करोड़ से ज्यादा सुझाव मिलना ऐतिहासिक है।

खड़गे ने पुष्पा स्टाइल में अनुराग ठाकुर को दिया चैलेंज – ‘झुकूंगा नहीं’

कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि अनुराग ठाकुर के आरोपों ने उनके राजनीतिक करियर पर बड़ा दाग लगा दिया है और उन्होंने बीजेपी से माफी मांगने की मांग की। अपने हमले को तेज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर पूर्व केंद्रीय मंत्री अपने आरोपों को साबित नहीं कर सकते तो उन्हें “संसद में बैठने” का अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर उनके आरोप साबित हो जाते हैं, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा… अगर वह साबित कर देते हैं कि वक्फ की एक भी जमीन पर मेरा या मेरे बच्चों का कब्जा है, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। मैं इन चीजों से नहीं डरता। मैं एक मजदूर का बेटा हूं’, ‘झुकूंगा नहीं’। देखें वीडियो …

वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास

वक्फ संशोधन बिल 2025 बुधवार को लोकसभा में पास हो गया। करीब 11 घंटे चर्चा के बाद हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। अब यह बिल गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इससे पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं द्वारा दिए गए संशोधन पर भी वोटिंग हुई। इनमें विपक्ष के नेताओं के सभी संशोधन नामंजूर हो गए।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू का संशोधन स्वीकार किया गया। बिल को भाजपा के सहयोगी दलों टीडीपी, जेडीयू, एलजीपी , शिवसेना ने समर्थन दिया। वहीं कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस आदि ने विरोध किया। इससे पहले बुधवार सुबह लोकसभा में मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल पेश करते हुए इसकी अहम बातों को साझा किया। उन्होंने बताया कि बिल को ‘उम्मीद’ (यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है।

अल्पसंख्यक मामले के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताई बिल की अहम बातें

  •  सेंट्रलाइज डेटा बेस होगा, वेबसाइट होगी। ट्रैकिंग होगी, काम वक्त पर होगा, करेक्शन करेंगे, ऑडिट भी होगा। लैंड (जमीन) राज्य का विषय है। राज्य सरकारों को पूरी अथॉरिटी मिलेगी। राज्य सरकारें ही पूरी तरह से इसकी निगरानी का काम करेंगी।
  • वक्फ धार्मिक, चैरिटेबल मकसद के लिए बनाया जाता है। इनकम हो रही है कि नहीं, यह भी देखेंगे। दरगाहों, मस्जिदों के इमामों ने सुझाव दिए हैं। हमने उन्हें रिकॉर्ड में रखा है।
  • जो प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड हो चुकी है, जहां आप नमाज पढ़ते हैं, उस पर कोई दखलंदाजी नहीं होगी। ये किसी के अधिकारों का हनन कर प्रॉपर्टी छीनने का कानून नहीं है।
  • कोर्ट में जिन प्रॉपर्टी पर विवाद चल रहा है, उस पर भी कुछ नहीं होगा।
  • कलेक्टर से ऊपर कोई भी अधिकारी सरकारी जमीन और किसी विवादित जमीन का विवाद देखेगा।
  • वक्फ ट्रिब्यूनल में 3 मेंबर होंगे। इसके केस जल्द खत्म किए जाएं। इनका कार्यकाल होगा। अगर वक्फ के ट्रिब्यूनल के फैसले से खुश नहीं हैं तो अदालत जा सकते हैं।
  • जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे तो किसी आदिवासी एरिया में जाकर नहीं कर सकते।
  • वक्फ बोर्ड जो कॉन्ट्रिब्यूशन देते हैं तो मुतावली पहले 7 फीसदी देते थे, अब उसे 5 फीसदी कर दिया गया है।
  • कोई भी मुसलमान जब वक्फ क्रिएट करता है तो सबसे पहले महिला का अधिकार सुरक्षित करना होगा।

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