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आज 10वें रायसीना डायलॉग का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, 19 मार्च तक चलेगा वैश्विक सम्मेलन, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री होंगे चीफ गेस्ट

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में 10वें रायसीना डायलॉग का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 19 मार्च तक चलेगा और इसमें दुनियाभर के शीर्ष राजनेता, कूटनीतिज्ञ, पॉलिसी मेकर्स और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस साल के रायसीना डायलॉग के मुख्य अतिथि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन हैं।

125 देशों के 3500 से ज्यादा लोग होंगे शामिल

रायसीना डायलॉग में 125 देशों के 3500 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह सम्मेलन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। इस बार के सम्मेलन की थीम ‘कालचक्र : पीपुल, प्लेस एंड प्लेनेट’ रखी गई है। इसमें वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी, खासतौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े विषयों पर फोकस किया जाएगा।

दुनिया के बड़े नेता होंगे शामिल

इस बार के सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण वैश्विक नेता और वरिष्ठ राजनयिक हिस्सा लेंगे। इनमें अमेरिकी सीक्रेट एजेंसी की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड, यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव सहित दुनियाभर के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे। यह मंच अंतरराष्ट्रीय नीतियों, सुरक्षा चुनौतियों और कूटनीतिक मामलों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा

इस बार का रायसीना डायलॉग रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि पर हो रहा है। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में युद्ध के प्रभाव और उसके समाधान पर गहन चर्चा होगी। इसके अलावा भारत की विदेश नीति और वैश्विक भूमिका को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी गहन मंथन किया जाएगा।

शांगरी-ला डायलॉग की तर्ज पर शुरू हुआ था रायसीना डायलॉग

रायसीना डायलॉग को सिंगापुर में आयोजित होने वाले शांगरी-ला डायलॉग की तर्ज पर तैयार किया गया। शांगरी-ला डायलॉग रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन होता है, जबकि रायसीना डायलॉग में विदेश मंत्रियों और राजनयिकों की बैठक होती है। भारत में इस तरह के वैश्विक कूटनीतिक संवाद का आयोजन विदेश मंत्रालय और ORF मिलकर करते हैं। इस बार के रायसीना डायलॉग में 125 देशों के 3500 से ज्यादा डेलीगेट शामिल होंगे। इस दौरान रूस-यूक्रेन जंग के अलावा कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।

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