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सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ और तेंदुए की भिड़ंत, मादा तेंदुए की मौत, गर्दन और पीठ पर मिले गहरे घाव, वन विभाग ने शुरू की जांच

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई की सुआरिया बीट में एक तीन साल की मादा तेंदुए का शव बरामद हुआ है। वन अधिकारियों के मुताबिक, तेंदुए की गर्दन और पीठ पर गहरे घाव पाए गए, जो बाघ के हमले की ओर इशारा करते हैं। माना जा रहा है कि तेंदुए की मौत बाघ के साथ संघर्ष के दौरान हुई है।

मौके पर मिले पंजों और दांतों के निशान

SDO अंकित जामोद ने पुष्टि की कि मृत तेंदुआ तीन साल की थी। वन विभाग की जांच में मौके पर बाघ और तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बाघ घात लगाकर बैठा था और जैसे ही मौका मिला, उसने तेंदुए पर हमला कर दिया। बता दें कि कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में बाघ ने एक तेंदुए को घेर लिया था। लेकिन तब तेंदुआ पेड़ पर चढ़कर जान बचाने में सफल रहा था।

वन विभाग ने किया पोस्टमार्टम, जांच जारी

घटना की जानकारी मिलते ही फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा और डिप्टी डायरेक्टर पूजा नागले मौके पर पहुंचे। रेंजर प्रेम नारायण ठाकुर ने बताया कि पशु चिकित्सक डॉ. संजय सिंघई की टीम ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान डॉ. हमजा फारूखी और डॉ. प्रशांत देशमुख भी मौजूद थे। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

बाघ के हमले लगातार जारी, हाल ही में किया बाइसन का भी शिकार

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में एक बाइसन और एक जंगली सूअर पर भी इसी बाघ ने हमला किया था। सुबह बाइसन ने बाघ को खदेड़ दिया था। लेकिन शाम होते ही बाघ ने पलटवार कर बाइसन को मार गिराया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बाघ अपने शिकार को आसानी से नहीं छोड़ता।

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