
नई दिल्ली। राहुल गांधी के मिस इंडिया पर दिए बयान पर विवाद शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उस टिप्पणी की आलोचना की है। जिसमें उन्होंने मिस इंडिया ब्यूटी पेजेंट में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के प्रतिनिधित्व की कमी पर सवाल उठाया था। रिजिजू ने कहा कि गांधी देश में जातिगत जनगणना को लेकर फिर से बयान देकर देश में फूट डालना चाहते हैं।
दरअसल, राहुल गांधी ने 24 अगस्त को प्रयागराज में ‘संविधान का सम्मान और उसकी रक्षा’ कार्यक्रम में कहा था कि ‘मिस इंडिया’ कॉम्पटिशन में दलित, आदिवासी या ओबीसी की महिलाओं को जगह नहीं मिलती। राहुल गांधी ने कहा था कि एक तरफ पीएम मोदी कहते हैं कि देश सुपर पावर बन गया है। कैसे सुपर पावर बन जाएगा? 90% लोग सिस्टम से बाहर बैठे हैं।
पिछड़े समुदाय का मजाक न उड़ाएं : रिजिजू
इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी देश को बांट नहीं सकते। उन्होंने एक्स पर लिखा, अब राहुल गांधी मिस इंडिया प्रतियोगिताओं, फिल्मों, खेलों में आरक्षण चाहते हैं! यह केवल ‘बाल बुद्धि’ का मुद्दा नहीं है, बल्कि उसकी जय-जयकार करने वाले लोग भी उतने ही जिम्मेदार हैं! बाल बुद्धि मनोरंजन के लिए अच्छी हो सकती है पर अपनी विभाजनकारी चालों में, हमारे पिछड़े समुदायों का मजाक न उड़ाएं।
सरकारें मिस इंडिया को सिलेक्ट नहीं करती
किरेन रिजिजू ने आगे कहा, ”राहुल जी, सरकारें मिस इंडिया को सिलेक्ट नहीं करती हैं, सरकारें ओलंपिक के लिए एथलीट्स का चयन नहीं करती हैं और सरकारें फिल्मों के लिए एक्टर्स का चयन नहीं करती हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट को IAS, IPS, IFS और अन्य सभी शीर्ष सेवाओं में आरक्षण में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गिरिराज सिंह और अमित मालवीय ने भी की आलोचना
राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि बंटवारे की राजनीति से देश नहीं चलता, आपको कर्नाटक में जातिगत जनगणना करानी चाहिए।
इनके अलावा बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी कांग्रेस नेता की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, चौवन वर्ष की अधेड़ उम्र का व्यक्ति मिस इंडिया की लिस्ट खंगाल रहा है, ये समझ आता है। लेकिन उसमें जाति ढूंढ रहा है, ये समझ नहीं आता। ये बालक बुद्धि राहुल गांधी की घटिया सोच को दर्शाता है। एक तरह का perverse sexism जिसके अनुसार SC/ST/OBC समाज की लड़कियां मिस इंडिया जैसे कॉम्पिटिशन में आगे नहीं बढ़ सकती। थर्ड टाइम फेल राहुल गांधी से बड़े मूर्ख कांग्रेस के वो कार्यकर्ता थे जो सामने बैठ कर लफंगों की तरह सीटी बजा रहे थे और चटकारे ले रहे थे। सच ये है की 2022 में, छत्तीसगढ़ की रिया एक्का मिस इंडिया बनी थीं। आज से पहले शायद ही किसी ने उनकी जाति पूछी होगी, लेकिन राहुल गांधी की घटिया सोच ने उनकी उपलब्धि को उनकी जाति तक सीमित कर दिया है।
राहुल गांधी ने क्या लगाया था आरोप
दरअसल, राहुल गांधी ने शनिवार को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए यूपी के प्रयागराज में एक संविधान सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने मिस इंडिया की लिस्ट चेक की और सोचा की इसमें तो कोई दलित, आदिवासी महिला होगी। लेकिन उसमें भी कोई दलित, आदिवासी महिला नहीं थी। फिर भी मीडिया डांस, म्यूजिक, क्रिकेट, बॉलीवुड की बात करेगा। उसमें भी आपको 90% वाला कोई नहीं मिलेगा। कांग्रेस नेता ये बातें देशव्यापी जाति जनगणना कराने के महत्व को दोहराते हुए कहीं थीं।
पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘वे कहेंगे कि मोदी जी ने किसी को गले लगाया और हम महाशक्ति बन गए। हम महाशक्ति कैसे बन गए जब 90 प्रतिशत लोगों की कोई भागीदारी नहीं है?’ राहुल गांधी ने देशव्यापी जातिगत जनगणना पर जोर देते हुए कहा कि यह “किसी भी राजनीतिक कारण” से नहीं बल्कि “भारत के 90 प्रतिशत गरीबों को मुख्यधारा में शामिल करने” के लिए है।