
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर को 7वीं बार देश के सबसे साफ शहर का अवार्ड मिला है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 का रिजल्ट जारी किया। जिसमें सूरत को भी इंदौर के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान मिला। वहीं तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र का नवी मुंबई रहा। इस बार MP के खाते में कुल 6 नेशनल अवॉर्ड गए। भोपाल छठवें से पांचवें नंबर आ गया है। भोपाल को इस बार भी क्लीनेस्ट स्टेट कैपिटल का अवॉर्ड मिला है। वहीं मध्य प्रदेश को दूसरा सबसे स्वच्छ राज्य चुना गया है।
किसे कौनसा अवार्ड मिला-
- दिल्ली के भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने राज्यों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
- MP के महू को सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट बोर्ड का अवार्ड मिला। जिसे डायरेक्टर जनरल जीएस राजेश्वरन ने लिया।
- MP ने इस बार भारत के दूसरे सबसे स्वच्छ राज्य का अवार्ड जीता है। ये पुरस्कार सीएम मोहन यादव ने ग्रहण किया। पिछली बार मध्य प्रदेश पहले स्थान पर था।
- छत्तीसगढ़ को तीसरे सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार मिला।
- महाराष्ट्र को राज्य की श्रेणी में स्वच्छता का पहला पुरस्कार मिला।
- भोपाल देश का पांचवां सबसे साफ शहर बना। पिछले साल ये छठवें स्थान पर था।
- इंदौर को गार्बेज फ्री सिटी में सेवन स्टार रेटिंग मिली है।
- गंगा किनारे बसे सबसे साफ शहरों में वाराणसी पहले और प्रयागराज दूसरे स्थान पर रहा।
- बेस्ट सफाई मित्र सुरक्षित शहर का अवॉर्ड चंडीगढ़ को दिया गया।
- एक लाख से अधिक आबादी वाले शहर-
- इंदौर (मध्यप्रदेश)
- सूरत (गुजरात)
- नवी मुंबई (महाराष्ट्र)
- एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में ये टॉप-3 शहर
- सासवड (महाराष्ट्र)
- पाटन (छत्तीसगढ़)
- लोनावाला (महाराष्ट्र)
- इस बार कुल 9500 अंक का सर्वेक्षण हुआ है। इसमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस पर 4525, सर्टिफिकेशन पर 2500 और पब्लिक फीडबैक पर 2475 दिए गए।
टॉप-5 में भोपाल
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 5 स्टार रेटिंग के साथ भोपाल देश का पांचवां सबसे साफ शहर रहा। पिछली रैंकिंग छठवीं थी। अवॉर्ड लेने के लिए महापौर मालती राय, निगम कमिश्नर नोबल फ्रैंक ए. समेत स्वच्छता टीम शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी महापौर मालती राय को पुरस्कार दिया। इससे पहले शहर ने वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी रैंक हासिल की थी। इस बार सबसे साफ यानी क्लीनेस्ट स्टेट कैपिटल का खिताब भी मिल सकता है। स्वच्छता से जुड़े अफसरों की माने तो गीले, सूखे, मेडिकल समेत 5 तरह के कचरे की प्रोसेसिंग में भोपाल में बेहतर काम हुआ है।
भोपाल को मिला क्लीनेस्ट स्टेट कैपिटल का खिताब
- गार्बेज फ्री सिटी में 5 स्टार, वाटर प्लस का भी अवॉर्ड
- उपलब्धि- 5 तरह के कचरे की प्रोसेसिंग में बेहतर काम हुआ। सीएंडडी प्लांट, बायो सीएनजी, चारकोल प्लांट, कचरे के बेहतर ढंग से निपटारा करना।
सीएम ने प्रदेशवासियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में सातवीं बार इंदौर के प्रथम आने पर मध्य प्रदेश और इंदौर वासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा इंदौरवासियों ने पुनः यह सिद्ध कर दिया है कि स्वच्छता न सिर्फ उनकी आदत बन चुकी है, बल्कि अब उनकी सोच में भी स्वच्छता ही है। स्वच्छता की इस सबसे बड़ी उपलब्धि पर मैं समस्त प्रदेशवासियों एवं स्वच्छता के कार्य में लगी पूरी टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं एवं अपील करता हूं कि स्वच्छता के लिए आपका यह जुनून कभी कम न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश सदैव कटिबद्ध है।
ये भी पढ़ें- स्वच्छता में इंदौर नंबर वन, भोपाल को क्लीनेस्ट स्टेट कैपिटल का खिताब, महू कैंट, बुधनी, अमरकंटक को भी मिला अवॉर्ड