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नीट-2021 काउंसलिंग केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जमानत मामले में CBI जांच का आदेश नहीं दे सकता हाई कोर्ट

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नीट-2021 काउंसलिंग केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जमानत मामले में CBI जांच का आदेश नहीं दे सकता हाई कोर्ट
नीट-2021 काउंसलिंग केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की याचिका को रद्द कर दिया है। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI जांच के निर्देश दिए थे, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया। इसके साथ अयोग्य उम्मीदवारों के प्रवेश से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत के मामले में हाई कोर्ट किसी भी CBI जांच के निर्देश नहीं दे सकती जब तक कोई एक्स्ट्राऑर्डिनरी सरकमस्टान्सेस (extraordinary circumstances) सामने न आए। 

जांच से जुड़े तथ्यों में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप नहीं 

जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश में सिर्फ CBI को दिए गए निर्देश तक ही दखल दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपी डॉ. रितु गर्ग की जमानत पर कोई आपत्ति नहीं जताई, इसलिए कोर्ट ने इस पर हस्तक्षेप नहीं किया। बेंच ने कहा कि उन्होंने जांच से जुड़े तथ्यों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, ताकि जांच की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए। यूपी सरकार की ओर से पैरवी कर रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने हाईकोर्ट के जस्टिस द्वारा दिए गए निर्देश की वैधता पर सवाल उठाया। दरअसल, उन्होंने CBI को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161 के तहत डॉ. उमाकांत के बयान के आधार पर मामला दर्ज करने और जमानत आवेदन की जांच करने के लिए कहा गया था। 

अदालत का जवाब 

वहीं बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली थी। लेकिन CRPC की धारा 161 के तहत दिए गए बयान और जांच अधिकारी के सामने उससे सामना करने के आधार पर CBI जांच के आदेश दिए गए थे। जांच अधिकारी ने यह भी बताया कि आरोपों की वरिष्ठ अधिकारियों से पुष्टि नहीं कराई गई थी। बेंच ने आगे कहा कि बिना रिकॉर्ड की पुष्टि किए दिए गए बयान या जांच अधिकारी के बयान के आधार पर कोई असाधारण परिस्थिति नहीं बनती। साथ ही, हम उन कानूनी मिसालों से बंधे हैं, जो यह स्पष्ट रूप से कहती हैं कि जमानत याचिका के दौरान इस तरह के निर्देश जारी नहीं किए जा सकते। ये भी पढ़ें- लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 पैंतीस संशोधनों के साथ पारित, डिजिटल टैक्स खत्म, अब राज्यसभा में होगा पेश
Akriti Tiwary
By Akriti Tiwary

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