
नई दिल्ली। भाजपा सांसद सुशील मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में 2,000 रुपए का नोट प्रचलन से बंद करने की मांग रखी। मोदी ने कहा कि 2,000 का नोट यानी ब्लैकमनी है। यदि सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दे रही है तो इस नोट को बंद कर देना चाहिए।
यूरोप, सिंगापुर का हवाला
सुशील मोदी ने कहा- इंडोनेशिया में तो एक लाख रुपए तक के नोट हैं। यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने 2018 में 500 यूरो के नोट को प्रचलन से बंद कर दिया था। सिंगापुर ने 10 हजार के नोट को 2010 में बंद कर दिया था। जब 1,000 का नोट बंद हो गया तो 2,000 के नोट के प्रचलन में रहने का औचित्य नहीं है। अब तो सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दे रही है। इसलिए आग्रह है कि 2,000 के नोट को बंद कर देना चाहिए। जनता को साल दो साल का मौका देना चाहिए कि जिनके पास वैध तरीके से 2,000 का नोट है तो उसे एक्सचेंज कर सकें। एक निश्वित समय इसके लिए देना चाहिए। 2,000 का मतलब है ब्लैक मनी। 2,000 का नोट मतलब होर्डिंग। ब्लैक मनी को बंद करना है तो 2,000 के नोट को बंद करना होगा।
लोग बोले – आखिर करना चाहते हैं मोदी जी!
सुशील मोदी द्वारा 2 हजार के नोट को बंद करने की मांग के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। लोगों का कहना है कि मोदी सरकार कालाधन खत्म करने के लिए ही पुराने नोटों को बंद कर नए 500 व 2,000 के नोट लेकर आई थी। अब 2,000 के नोट को भी बंद करने की मांग कर रहे हैं।
एक अन्य यूजर ने लिखा – एक मोदीजी कालाधन खत्म करने के लिए 2,000 का नोट लेकर आए थे। अब दूसरे मोदी जी दो हजार का नोट बंद करने की मांग कर रहे हैं। आखिर कर क्या रहे हैं आप लोग?