
Surya Grahan 2025 : साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) मार्च में लगने जा रहा है। इससे पहले 14 मार्च को इस साल का पहला चंद्र ग्रहण पड़ा था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ आदि से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण कब लगेगा, इसका समय क्या होगा और सूतक काल कब से प्रभावी रहेगा।
कब लगेगा साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण?
तारीख : 29 मार्च, शनिवार
प्रारंभ : दोपहर 2:20 बजे
समाप्त : शाम 6:16 बजे
प्रकार : आंशिक सूर्य ग्रहण
भारत में दृश्यता : यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण एशिया, अफ्रीका, यूरोप, आर्कटिक महासागर, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा। हालांकि, भारत के किसी भी हिस्से में यह सूर्य ग्रहण दृश्य नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
क्या करें?
- भगवान के मंत्रों का जाप करें।
- सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें।
- घर में गंगाजल छिड़कें।
- खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालें।
क्या न करें?
- सूर्य ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए।
- भोजन पकाना और खाना वर्जित माना जाता है (हालांकि बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं फल खा सकती हैं)।
- गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं जाना चाहिए।
- घर के मंदिर के कपाट बंद कर देने चाहिए।
किसे कहते हैं सूर्य ग्रहण ?
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को सभी ग्रहों का राजा बताया गया है। सूर्य पिता और आत्मा के कारक माने में गए हैं। सूर्य पर जब ग्रहण की स्थिति बनती है तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि जब सूरज पर ग्रहण लगता है तो ये पीड़ित हो जाते हैं और शुभ फलों में कमी आ जाती है। माना जाता है कि जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है यानि जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है और चंद्रमा की परछाई पृथ्वी पर पड़ती है तो सूर्य ग्रहण की स्थिति बनती है।
(नोट: यहां दी गई सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। हम मान्यता और जानकारी की पुष्टि नहीं करते हैं।)