
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को 49 दिनों बाद जेल से रिहाई मिल गई है। उन्हें महिला नेता से यौन शोषण के आरोप में सीतापुर जेल में बंद किया गया था। 20 मार्च को उन्हें जमानत मिलने के बाद सुबह 8 बजे वे जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आते ही वह अपनी पत्नी और परिवारवालों से मिले, इस दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। राकेश राठौर ने अपनी रिहाई पर विश्वास जताते हुए कहा कि, सच्चाई जल्द सामने आएगी। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
क्या था पूरा मामला?
15 जनवरी को महिला नेता ने राकेश राठौर पर यौन शोषण और बलात्कार का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि, सांसद ने राजनीतिक करियर बनाने और शादी का झांसा देकर चार साल तक शारीरिक शोषण किया। जब महिला ने शादी की बात की तो सांसद ने उसे जान से मारने की धमकी दी। 17 जनवरी को पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण करवाया और सांसद के खिलाफ रेप सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।
गिरफ्तारी और जमानत में देरी
30 जनवरी को राकेश राठौर गिरफ्तारी से पहले अंडरग्राउंड हो गए थे, लेकिन जब वह मीडिया से बात करने आए तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 11 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी, लेकिन बाद में पुलिस ने वॉयस सैंपल रिपोर्ट के आधार पर आरोप बढ़ाए, जिससे रिहाई में और देरी हो गई।
रिहाई के बाद राकेश राठौर का बयान
सीतापुर जेल से रिहाई के बाद राकेश राठौर ने मीडिया से बात की और कहा, “अगर मैंने कुछ गलत किया है, तो मुझे कड़ी सजा मिले। यह मेरे लिए प्रायश्चित का समय था। मुझे पूरा विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी। मैं इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहता था।”
परिवार का बयान : राकेश राठौर के भाई अनिल राठौर ने कहा, “हम जल्दी से जल्दी जमानत मिलने पर न्यायिक व्यवस्था के आभारी हैं। परिवार और समर्थकों के लिए यह खुशी का पल है।”
पूर्व राजनीतिक विवाद
राकेश राठौर का राजनीति में विवादों से पुराना नाता रहा है। 2017 के चुनाव में वह भाजपा के उम्मीदवार के रूप में सीतापुर से चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने सपा और फिर कांग्रेस का दामन थामा। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अप्रत्याशित जीत हासिल की थी।