यमुना में खतरनाक स्तर तक बढ़ा पॉल्यूशन, स्टैंडर्ड से 6400 गुना अधिक दूषित पानी, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
Publish Date: 19 Mar 2025, 6:00 PM (IST)Reading Time: 2 Minute Read
राजधानी में यमुना नदी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यमुना का पानी स्टैंडर्ड्स से 6400 गुना अधिक दूषित पाया गया है। नदी का बढ़ता प्रदूषण दिल्लीवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक यमुना की सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
भीषण गर्मी से पहले सफाई जरूरी
देवेंद्र यादव ने कहा कि गर्मी के मौसम में दिल्ली में जल संकट और बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को तुरंत दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश देने चाहिए। साथ ही जल संशोधन की क्षमता बढ़ाने को लेकर सोचना चाहिए। ताकि राजधानी के लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों से दिल्ली जल संकट से जूझ रही है और अगर जल्द उपाय नहीं किए गए तो इस बार हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
यमुना के जहरीले पानी से बढ़ रहा जल संकट
यमुना में गिरने वाले सीवेज और औद्योगिक कचरे के कारण पानी जहरीला हो गया है। जल में जैविक ऑक्सीजन की मांग (BOD) तेजी से बढ़ रही है, जिससे जल जीवों के अस्तित्व भी खतरे में है। रिपोर्ट में बताया गया कि दिसंबर 2024 में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर 8.4 मिलियन यूनिट प्रति 100 एमएल था, जो फरवरी 2025 में बढ़कर 16 मिलियन यूनिट प्रति 100 एमएल तक पहुंच गया। वहीं, BOD का स्तर पल्ला में 6 एमजी प्रति लीटर और असगरपुर में 72 एमजी प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो तय मानकों से 24 गुना अधिक है।
कांग्रेस का सरकार पर हमला
देवेंद्र यादव ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी भी केजरीवाल सरकार की तरह केवल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने मांग की कि गर्मी शुरू होने से पहले यमुना की सफाई और जल संशोधन की प्रक्रिया तेज की जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जनता विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएगी।
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