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ब्लैक-सी सीजफायर पर सहमत हुए रूस-युक्रेन, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और सैन्य हमले रोकने पर बनी सहमति, अमेरिका ने की मध्यस्थता

मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच ब्लैक-सी (काला सागर) में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और सैन्य हमले रोकने को लेकर अहम सहमति बनी है। इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के उपाय भी विकसित करेंगे। इस वार्ता में अमेरिका ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई और रूस व यूक्रेन के साथ अलग-अलग समझौतों पर सहमति बनाई। सोमवार को सऊदी अरब के रियाद में अमेरिका और रूस के बीच 12 घंटे से अधिक चली बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की गई।

युद्ध खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम- व्हाइट हाउस

व्हाइट हाउस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि रूस और यूक्रेन ब्लैक-सी क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, बल प्रयोग रोकने और कॉमर्शियल जहाजों के सैन्य इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने पर सहमत हो गए हैं। बयान में कहा गया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अमेरिका इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए समर्थन देता रहेगा और समझौते को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

समझौते के पांच प्रमुख बिंदु

  1. ब्लैक-सी में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही- रूस और यूक्रेन के बीच यह सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है कि काला सागर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही होगी और उन पर सैन्य हमले नहीं किए जाएंगे।
  2. ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की योजना- दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए उपाय विकसित करेंगे ताकि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  3. युद्ध बंदियों और जबरन रूस भेजे गए बच्चों की वापसी- अमेरिका युद्ध बंदियों की अदला-बदली और जबरन रूस भेजे गए यूक्रेनी बच्चों की वापसी में मदद करता रहेगा।
  4. रूस-यूक्रेन स्थायी शांति पर काम जारी रखेंगे- दोनों देश युद्धविराम को लागू रखने और स्थायी शांति हासिल करने की दिशा में आगे काम करेंगे।
  5. रूस के कृषि और फर्टिलाइजर एक्सपोर्ट को मदद- अमेरिका ग्लोबल मार्केट में रूस की कृषि और उर्वरक निर्यात को बहाल करने में मदद करेगा।

रूस ने समझौता तोड़ा तो प्रतिबंध लगवाएंगे- जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह समझौता तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस इसे तोड़ता है तो वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रूस पर और अधिक प्रतिबंध लगाने की मांग करेंगे। जेलेंस्की ने कहा कि यह यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता है और इससे युद्धविराम को मजबूती मिलेगी। उन्होंने अपने सहयोगी देशों से आग्रह किया कि वे रूस पर दबाव बनाए रखें ताकि वह इस समझौते का पालन करे।

क्रेमलिन का बयान- अभी कोई ठोस योजना नहीं बनी

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि सीजफायर को लेकर अभी कोई ठोस योजना नहीं बनी है और कई दौर की वार्ताएं अभी बाकी हैं। उन्होंने बताया कि रियाद में अमेरिकी अधिकारियों से हुई बैठक का नतीजा दोनों देशों के राष्ट्रपतियों तक पहुंचा दिया गया है। अब इस पर निर्णय लिया जाएगा।

पेस्कोव ने कहा कि हम केवल तकनीकी समझौतों पर चर्चा कर रहे हैं। फिलहाल पुतिन और ट्रंप के बीच डायरेक्ट बातचीत की कोई योजना नहीं है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो तत्काल बातचीत की जा सकती है।

अमेरिका ने यूक्रेन को पावर प्लांट सुरक्षा की पेशकश दी

रियाद बैठक से पहले, अमेरिकी अधिकारियों ने यूक्रेनी प्रतिनिधियों से मुलाकात की और पावर प्लांट्स की सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की। अमेरिका ने यूक्रेन को प्रस्ताव दिया कि वह अपने पावर प्लांट्स की सुरक्षा अमेरिका को सौंप दे। यूक्रेनी रक्षा मंत्री रुसतेम उमेरोव ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि इसका मकसद जल्द शांति और सुरक्षा को मजबूत करना है।

सैनिकों की अदला-बदली कर चुके हैं रूस-यूक्रेन

सीजफायर वार्ता के दौरान रूस और यूक्रेन ने पिछले सप्ताह 175 युद्ध बंदियों की अदला-बदली की थी। इसके अलावा, रूस ने गंभीर रूप से घायल 22 यूक्रेनी सैनिकों को भी रिहा किया। यह कदम युद्ध समाप्ति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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