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ट्रंप के विरोध में अमेरिका के 50 राज्यों के 1400 स्थानों पर विरोध

फ्रांस, कनाडा, ब्रिटेन समेत कई देशों में भी प्रदर्शन हुआ
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ट्रंप के विरोध में अमेरिका के 50 राज्यों के 1400 स्थानों पर विरोध

वॉशिंगटन। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के विरोध में अमेरिका के सभी 50 राज्यों के 1400 से अधिक स्थानों पर शनिवार को विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क जैसे उनके समर्थकों के खिलाफ शुरू हुआ हैंड्स आॅफ विरोध प्रदर्शन अमेरिका से आगे बढ़कर फ्रांस, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, मैक्सिको और पुर्तगाल जैसे देशों में भी फैल गया है। इस आंदोलन का मकसद ट्रंप और मस्क जैसे ताकतवर लोगों द्वारा अमेरिकी सत्ता और संसाधनों पर कब्जा करने के विरोध में आवाज उठाना है। आंदोलन से जुड़े लोग इसे आधुनिक इतिहास की सबसे खुली सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश कह रहे हैं। 5 अप्रैल शनिवार को 1400 जगहों पर ये प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें 4 लाख के करीब लोगों ने हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

150 से अधिक संगठन हुए शामिल:

अमेरिका के 50 राज्यों में 1,400 से ज्यादा प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 150 से अधिक नागरिक संगठनों, मानवाधिकार संस्थाओं, ट्रेड यूनियनों, एलजीबीटीक्यू+ समूहों, सेना के पूर्व जवानों और निष्पक्ष चुनाव समर्थक शामिल हुए हैं। ये प्रदर्शन वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल, राज्य की राजधानियों और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी हो रहे हैं।

इधर 19 डेमोके्रटिक राज्यों ने किया केस :

इस बीच ट्रंप द्वारा चुनावों को दोबारा शुरू करने के लिए हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश अब नई कानूनी परेशानियों में फंस गया है। 19 राज्यों के लोकतांत्रिक अधिकारियों ने इस आदेश को रोकने के लिए मुकदमा दायर किया है। उनका कहना है कि यह असंवैधानिक है और राज्यों से अपने चुनाव कराने का अधिकार छीनता है।

इसलिए किया जा रहा विरोध

विरोध का कारण ट्रंप प्रशासन के वे फैसले हैं, जिनमें हजारों सरकारी कर्मचारियों की छंटनी, सोशल सिक्योरिटी कार्यालयों का बंद होना, अवैध प्रवासियों का निष्कासन, ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा में कटौती और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की फंडिंग में भारी कमी शामिल है। हालांकि ट्रंप और मस्क के खिलाफ पहले भी देशभर में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन 2017 का वीमेन मार्च और 2020 का ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन जैसी व्यापक भागीदारी अभी तक नहीं देखी गई। आयोजकों का कहना है कि ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा और प्रभावशाली विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जो पूरे देश में एक नया संदेश देगा

People's Reporter
By People's Reporter

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