
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने 12 कांग्रेस विधायकों को 7 कार्य दिवसों के लिए निलंबित कर दिया। इन विधायकों पर सदन में अभद्र व्यवहार करने और विधायी कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप है।
कैसे हुआ विवाद?
सरकारी मुख्य सचेतक सरोज कुमार प्रधान ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि हंगामा कर रहे कांग्रेस विधायकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सदन की कार्यवाही बाधित न हो। इसके बाद ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित कर 12 विधायकों को निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के बाद भी विरोध जारी
निलंबन की घोषणा के बावजूद कांग्रेस विधायकों ने सदन छोड़ने से इनकार कर दिया और विरोध में झांझ बजाते हुए नारेबाजी जारी रखी। इस हंगामे के कारण विधानसभा को दो बार 15-15 मिनट और फिर 16:04 से 17:33 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
बीजद ने किया निलंबन का विरोध
बीजू जनता दल की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने इस निलंबन के फैसले पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को विधायकों को निलंबित करने के बजाय बातचीत कर गतिरोध खत्म करने का प्रयास करना चाहिए था।
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