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आदिवासी गांवों में सड़क, पानी और बिजली नहीं, अधूरे पड़े आंगनबाड़ी केंद्र

कलेक्टर के सामने विकास का सच आया, तो अफसरों के साथ शुरू हुईं बैठकें

भोपाल। प्रदेश के दमोह और मंडला दो पहले ऐसे जिले हैं जहां के कलेक्टरों ने रात्रि चौपाल प्रारंभ की है। पहली चौपाल में ही ग्रामीणों ने विकास की पोल खोल दी। एक-एक व्यक्ति ने बताया कि गांव में पीने का पानी, बिजली और सड़क नहीं है, सिंचाई के साधन नहीं होने से मजदूर पलायन कर रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अफसरों को तलब किया और अधूरे निर्माण पूरे कराने का प्लान बनाने निर्देश दिए। कलेक्टर ने भी माना कि ग्राम में विकास की आज भी बहुत गुंजाइश है।

दमोह ग्राम घोघरा में लगेंगे लगातार शिविर, पलायन रोकने बनेगा प्लान

जैसा कि कलेक्टर सुधीर कोचर ने सोशल मीडिया (कलेक्टर दमोह) हैंडल में बताया

  • आदिवासी बहुल गांव में वनोपज एवं सिंचाई के मुद्दों पर काम करने की जरूरत है।
  • आंगनबाड़ी और स्कूल भवन लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। हमें रास्ता निकालना पड़ेगा।
  • बिजली, सड़क, सीसी रोड, नाली के संबंध में समस्याएं मिली हैं।
  • जिनकी मृत्यु हो गई , उनकी जगह उत्तराधिकारी के नाम नहीं चढ़े हैं।
  • दस्तावेज नहीं होने से कई हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
  • समग्र और आधार की बैंक खातों से लिंक नहीं होना पाया गया।
  • किसान सम्मान निधि पहले मिलती थी, अब नहीं मिल रही।
  • सिंचाई की सुविधा अच्छी हो जाए तो पलायन बड़े पैमाने पर रुक सकता है।

अब यह करेंगे : अगले कुछ दिनों के अंदर बड़े पैमाने पर शिविर लगेंगे, ताकि जाति प्रमाण पत्र बन सकें। आसपास के क्षेत्रों में भी शिविर लगाएंगे जिससे समस्याएं दूर हो सकें। अधूरे निर्माण को लेकर विभागों की बैठकें करेंगे।

मंडला प्रशासन आपके द्वार के तहत धनगांव में चौपाल

कलेक्टर मिली जानकारी

  • पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन योजना, सामाजिक न्याय विभाग से जुड़ी समस्याएं मिलीं।
  • आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड बनाए जाएं। जल जीवन मिशन में घर-घर तक पेयजल पहुंचे।
  • पीएम आवास योजना नाम जुड़े। पलायन की समस्या दूर हो।

अब यह करेंगे : आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को किसी एक ग्राम पंचायत में रात्रि चौपाल होगी। विभाग प्रमुख अधिकारियों द्वारा शासन की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा। इस पहल से लोगों को समस्याओं का निराकरण कराने के लिए जनपद या जिला स्तर पर नहीं आना पड़ेगा।

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