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तुहिन कांत पांडे बने SEBI के नए चेयरमैन : माधबी पुरी बुच की लेंगे जगह, 3 साल का होगा कार्यकाल; जानिए कितनी मिलेगी सैलरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी तुहिन कांत पांडे को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। वे 3 साल तक इस पद पर रहेंगे और मौजूदा सेबी चीफ माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है।

कौन हैं तुहिन कांत पांडे?

ओडिशा कैडर के 1987 बैच के IAS अधिकारी तुहिन कांत पांडे वर्तमान में वित्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 7 सितंबर 2024 को वित्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। वे मोदी 3.0 सरकार में भारत के सबसे व्यस्त सचिवों में से एक हैं। वे देश की आर्थिक नीतियों और विनिवेश योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। सरकार की ओर से कई बड़े फैसलों में उनकी अहम भागीदारी रही है, जिनमें एयर इंडिया और IDBI बैंक का निजीकरण शामिल है। वे फिलहाल केंद्र सरकार में चार महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रहे हैं।

इन अहम पदों पर रह चुके हैं तुहिन कांत पांडे

तुहिन कांत पांडे अब तक कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:

वित्त सचिव: वे 2024 में वित्त सचिव बनाए गए थे।

DIPAM के सचिव: सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के प्रमुख के रूप में सरकारी विनिवेश नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया।

राजस्व सचिव: केंद्रीय बजट और नए आयकर विधेयक की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

बड़े विनिवेश फैसलों में भागीदारी: एयर इंडिया और IDBI बैंक के निजीकरण की प्रक्रियाओं का नेतृत्व किया।

SEBI चेयरमैन को कितनी सैलरी मिलेगी?

नए SEBI चेयरमैन को केंद्र सरकार के सचिव के बराबर वेतन मिलेगा। साथ ही, उन्हें 5.62 लाख रुपए प्रति माह की फिक्स्ड सैलरी का विकल्प दिया गया है, जिसमें सरकारी वाहन और आवास की सुविधा शामिल नहीं होगी।

क्या करता है SEBI?

SEBI यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड शेयर बाजार और पूंजी बाजार का नियामक है। इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना, बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना और धोखाधड़ी को रोकना है। SEBI समय-समय पर नए नियम लागू करता है, ताकि वित्तीय अनियमितताओं पर नियंत्रण रखा जा सके।

माधबी पुरी बुच का कार्यकाल और योगदान

माधबी पुरी बुच ने 2022 में अजय त्यागी की जगह SEBI की पहली महिला चेयरपर्सन के रूप में पदभार संभाला था। वे अपने सख्त फैसलों और पूंजी बाजार में सुधार के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले, वे ICICI बैंक में उच्च पदों पर कार्य कर चुकी थीं और वित्तीय क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव रखती हैं।

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