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‘कॉम्पिटिशन और परफॉरमेंस का प्रेशर खतरनाक’…! स्टूडेंट्स सुसाइड केस रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, बनी नेशनल टास्क फोर्स

नई दिल्ली। देश में बढ़ते अकादमिक प्रेशर और आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ‘नेशनल टास्क फोर्स’ (NTF) के गठन का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कॉम्पिटिशन और परफॉर्मेंस का प्रेशर छात्रों के मेंटल हेल्थ पर गंभीर असर डाल रहा है, जिससे आत्महत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं। दरअसल, यह आदेश कोर्ट ने IIT-दिल्ली के दो छात्रों के सुसाइड केस के मामले में दिया। छात्रों के माता-पिता ने दिल्ली हाईकोर्ट के FIR दर्ज न करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को FIR दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।

पूर्व जस्टिस रविंद्र भट होंगे NTF के चेयरपर्सन

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि NTF की अध्यक्षता पूर्व जस्टिस एस. रविंद्र भट करेंगे। इसमें मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आलोक सरीन और अन्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। सरकार को दो हफ्तों में टास्क फोर्स के शुरुआती संचालन के लिए 20 लाख जमा करने का निर्देश दिया गया है।

कॉलेजों को निभानी होगी माता-पिता की भूमिका

कोर्ट ने कहा कि कॉलेजों में जातिगत भेदभाव व्याप्त है, जिससे वंचित समुदायों के छात्रों में अलगाव की भावना बढ़ रही है। कॉलेज परिसरों में जाति आधारित भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 15 का स्पष्ट उल्लंघन है, जो जाति के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है।

कोर्ट ने ‘लॉको पेरेंटिस’ की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि जब छात्र अपने घरों से दूर जाकर पढ़ाई करते हैं, तो संस्थान को उनके प्रति संवेदनशील होना चाहिए और उन्हें भावनात्मक सहारा देना चाहिए।

बढ़ते आत्महत्या के मामले चिंता का विषय

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 13,000 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की, जो पिछले दशक की तुलना में लगभग दोगुना है। 2022 में 7.6% आत्महत्याएं छात्रों द्वारा की गईं, जिनमें से 1.2% मामलों की वजह परीक्षा में असफलता और करियर से जुड़ी समस्याएं थीं।

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