
17 मार्च को नागपुर में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, दंगे में 62 वाहनों और एक मकान को क्षति पहुंची थी। इनमें 36 कारें, 22 दोपहिया वाहन, 2 क्रेन और 2 तीन पहिया वाहन शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इस नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की घोषणा कर दी है।
मुआवजा किसे और कितना मिलेगा?
- पूरी तरह नष्ट वाहनों के लिए – ₹50,000 का मुआवजा मिलेगा।
- आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त वाहनों के लिए – ₹10,000 का मुआवजा दिया जाएगा।
- बीमा लाभ प्राप्त कर चुके वाहन मालिकों को – मुआवजा नहीं मिलेगा।
- संपत्ति के नुकसान का आंकलन – प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, जिसके बाद उचित मुआवजा तय किया जाएगा।
नागपुर के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस संबंध में आदेश दिए थे, जिसके बाद जिला प्रशासन ने मुआवजा वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारी घर-घर जाकर नुकसान का सर्वेक्षण कर रहे हैं।
कौन-सी अफवाह बनी हिंसा की वजह?
नागपुर में हिंसा की शुरुआत उस अफवाह के बाद हुई जिसमें कहा गया कि औरंगजेब की कब्र हटाने के विरोध में एक धार्मिक चादर को जलाया गया था। इसके बाद दो गुटों के बीच झड़पें शुरू हो गईं, जिसने उग्र रूप ले लिया।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में भी FIR
पुलिस ने इस मामले में अब तक 105 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 10 किशोर हिरासत में लिए गए। DCP स्तर के 3 अधिकारी सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हुए। मुख्य आरोपी फहीम खान और 5 अन्य पर राजद्रोह का मामला दर्ज। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में भी FIR दर्ज।
पुलिस ने दंगे भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और माहौल शांत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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