
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में हालिया हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। अगर आरोपी खुद जुर्माने की राशि नहीं देंगे, तो उनकी संपत्तियों को जब्त कर नीलाम किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बुलडोजर चलाने की भी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया को हिंसा भड़काने का मुख्य कारण बताया और कहा कि जिन्होंने भड़काऊ पोस्ट किए, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। अब तक 68 सोशल मीडिया पोस्ट हटाई जा चुकी हैं। दंगाइयों और पुलिस पर हमला करने वालों में से 104 लोग गिरफ्तार। जिन लोगों ने झूठी खबरें फैलाकर माहौल बिगाड़ा, उन्हें भी आरोपी माना जाएगा।
पुलिसकर्मियों पर हमले को बताया गंभीर अपराध
मुख्यमंत्री फडणवीस ने हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस हिंसा में DCP स्तर के 3 अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस बल पर हमले करने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे भड़की थी नागपुर में हिंसा?
हिंसा की शुरुआत तब हुई जब कुछ असामाजिक तत्वों ने औरंगजेब की कब्र की प्रतिकृति जला दी। इसके बाद कुरान की आयत जलाने की अफवाह तेजी से फैली, जिससे माहौल बिगड़ गया और लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आए।
पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए दंगाइयों को गिरफ्तार करना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
सरकार ने दिया कड़ी कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागपुर हिंसा को लेकर सरकार किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है। पुलिस को पूरी ताकत से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और सभी दोषियों को कानूनी सजा दिलाई जाएगी। महाराष्ट्र सरकार ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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