अंतर्राष्ट्रीयताजा खबरराष्ट्रीय

म्यांमार-थाईलैंड में 7.7 तीव्रता का भूकंप : 10 हजार मौतों की आशंका, 704 की पुष्टि; 1670 से अधिक लोग घायल, मदद के लिए आगे आए कई देश

म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप में मौत का आंकड़ा 10 हजार से ज्यादा हो सकता है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई में था। इस आपदा में अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। म्यांमार में 694 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1670 लोग घायल हैं। वहीं थाईलैंड में 10 लोगों की मौत हुई है।

भूकंप के झटकों से थर्राए कई देश

इस भूकंप के झटके बांग्लादेश, भारत, चीन और थाईलैंड तक महसूस किए गए। म्यांमार के सबसे बड़े शहर मांडले, नेपीदाव और सागाइंग में कई इमारतें ध्वस्त हो गईं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप के प्रभाव से एक निर्माणाधीन इमारत गिर गई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक मजदूर लापता हैं।

देखें VIDEO…

म्यांमार में इमरजेंसी, दुनिया से मांगी मदद

म्यांमार में शुक्रवार सुबह 11:50 बजे 7.7 तीव्रता का भूकंप आया। म्यांमार और थाईलैंड में यह 200 साल का सबसे बड़ा भूकंप है। म्यांमार की सैन्य सरकार ने इस भूकंप के बाद छह राज्यों- सागाइंग, मांडले, बागो, मागवे, पूर्वी शान और नेपीदाव में इमरजेंसी घोषित कर दी है। सरकार ने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सहायता की अपील की है। म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि, देश को तत्काल सहायता की जरूरत है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

देखें VIDEO…

मदद के लिए आगे आए कई देश

भारत: भारतीय वायुसेना का सी-130जे विमान 15 टन राहत सामग्री लेकर म्यांमार रवाना हुआ है। इसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, पानी के प्यूरीफायर, दवाइयां और भोजन शामिल हैं।

अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने म्यांमार की मदद का आश्वासन दिया है।

चीन: चीन ने 37 सदस्यों की एक टीम भेजी है, जिनके पास आधुनिक बचाव उपकरण हैं।

रूस: रूस ने 120 बचावकर्मियों को दो विमानों के साथ राहत कार्यों के लिए भेजा है।

सिंगापुर: सिंगापुर रेड क्रॉस ने डेढ़ लाख डॉलर की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

देखें VIDEO….

म्यांमार में भूकंप के बाद 14 और झटके

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद से म्यांमार में कम से कम 14 और झटके लगे हैं। ज्यादातर झटके बड़े भूकंप के कई घंटों के दौरान आए, जो 5 से कम तीव्रता वाले थे। सबसे शक्तिशाली 6.7 तीव्रता का झटका था जो बड़े भूकंप के लगभग 10 मिनट बाद आया।

म्यांमार में भूकंप आने का कारण

भूकंप के लिए म्यांमार का सागाइंग फॉल्ट जिम्मेदार है, जो उत्तर से दक्षिण तक 1200 किमी फैला हुआ है। यह क्षेत्र अक्सर भूकंप की चपेट में रहता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह भूभाग अत्यधिक सक्रिय है और भविष्य में भी यहां बड़े भूकंप आने की संभावना बनी हुई है।

बचाव कार्यों में आ रहीं चुनौतियां

म्यांमार में गृहयुद्ध और सैन्य शासन के कारण संचार और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। टूटी-फूटी सड़कों और ध्वस्त पुलों के कारण राहत दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा, हजारों लोग बेघर हो गए हैं, जिन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने म्यांमार को आपातकालीन सहायता पहुंचाने की योजना बनाई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी मेडिकल आपूर्ति और राहत सामग्री भेजने का ऐलान किया है।

देखें VIDEO…

भारत में भी महसूस हुए झटके

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भी इस भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। विदेश मंत्रालय ने थाईलैंड में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

ये भी पढ़ें- भूकंप से तबाही… म्यांमार में 20 की मौत, 80 लापता, इमरजेंसी घोषित; बैंकॉक में मलबे में दबे मजदूर, इमारतें जमींदोज-सड़कों पर दरारें, कई उड़ानें रद्द

संबंधित खबरें...

Back to top button