
म्यांमार में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी। इस भूकंप ने भारी तबाही मचाई। म्यांमार में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, 80 लोग बताए जा रहे हैं, 300 लोग घायल हुए हैं। जबकि, बैंकॉक में इमारतें जमींदोज हो गईं और कई मजदूर मलबे में दब गए। भूकंप से सड़कों में दरारें पड़ गईं, उड़ानें रद्द कर दी गईं और इमरजेंसी लागू कर दी गई।
इस विनाशकारी भूकंप के झटके थाईलैंड, चीन और ताइवान तक महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में था, लेकिन इसका प्रभाव दूर-दूर तक देखने को मिला। बैंकॉक में कई ऊंची इमारतें हिल गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
म्यांमार में कई उड़ानें रद्द
म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद म्यांमार नेशनल एयरलाइंस ने कुछ उड़ानें रद्द कर दी हैं। भूकंप के कारण एयरपोर्ट संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे कई उड़ानें अस्थायी रूप से रोकी गई हैं।
थाईलैंड में इमरजेंसी घोषित
भूकंप की भयावहता को देखते हुए थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने बैंकॉक को ‘इमरजेंसी जोन’ घोषित कर दिया है। सरकारी आदेश के अनुसार, पूरे देश में आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।
- चटूचक पार्क इलाके में एक इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई।
- बैंकॉक की मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं रोक दी गई हैं।
- एयरपोर्ट और सबवे बंद कर दिए गए हैं।
- शेयर बाजार में ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
म्यांमार की सेना ने भी घोषित की इमरजेंसी
म्यांमार की सेना ने देश के मध्य भाग में आपातकाल लागू कर दिया है। इसमें मांडले, नेपीताव, सागाइंग, बागो और मैगवे क्षेत्र शामिल हैं। सेना का कहना है कि सरकार बचाव कार्यों में तेजी ला रही है और प्रभावित इलाकों में सहायता भेजी जा रही है।
पीएम मोदी ने मदद का दिया आश्वासन
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई और सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारत हरसंभव मदद के लिए तैयार है और विदेश मंत्रालय को दोनों देशों की सरकारों से लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
थाइलैंड में भारतीय नागरीकों के लिए जारी किया है। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर +66618819218 जारी किया है।
मांडले में मस्जिद ढही
म्यांमार के मांडले शहर में भूकंप के कारण एक मस्जिद ढह गई, जिसके मलबे में दबकर 20 लोगों की मौत हो गई। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन आशंका है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत गिरी, कई मजदूर मलबे में फंसे
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक 30 मंजिला निर्माणाधीन इमारत भूकंप के झटके सहन नहीं कर पाई और ढह गई। इस इमारत में 400 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 80 से ज्यादा लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
भूकंप से तबाही के बाद क्या आगे?
- रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया गया है, लेकिन खराब हालात के चलते राहत कार्यों में दिक्कत आ रही है।
- सरकारें आपातकालीन योजनाएं बना रही हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके।
- मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
यह भूकंप थाईलैंड के इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक माना जा रहा है। प्रशासन पूरी ताकत से हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस आपदा के बाद सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है।
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