
कोलकाता। केंद्र सरकार ने 11 मार्च को पूरे देश में CAA लागू कर दिया, इसके बाद से ही विपक्षी पार्टियों के साथ कई जगहों पर लोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियों की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी आज CAA के विरोध में सिलिगुड़ी में एक रैली निकालेंगी। वहीं, कई जगहों पर आम जनता का गुस्सा फूट रहा है। असम के साथ केरल में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।
CAA के नियम स्पष्ट नहीं : CM ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने CAA के बारे में बात करते हुए कहा, नागरिकता संशोधन अधिनियम के लिए जारी अधिसूचना में नियम स्पष्ट नहीं हैं। ये असंवैधानिक है और समाज में भेदभाव पैदा कर सकते हैं।
इसके लिए आज ममता एक रोड शो करेंगी। इसकी जानकारी पश्चिम बंगाल के मंत्री अरूप विश्वास ने दी है। उन्होंने बताया, सिलीगुड़ी में रोड शो मैनाक से शुरू होगा और वीनस पर खत्म होगा।
आवेदन करने से पहले सोच विचार करें : CM ममता बनर्जी
इसी के साथ मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, ममता ने कहा – मैंने CAA के चलते ही राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का विरोध किया था। मैं लोगों से आग्रह करती हूं कि वे कानून के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने से पहले सोच विचार करें।
असम में मोदी, शाह के जले पुतले
बता दें कि CAA को लेकर सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन असम में देखने को मिल रहा है। यहां मोदी, शाह के पुतले और कानून की प्रतियां जलाईं गईं। असम में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, सीएए लागू होने के बाद लाखों लोग राज्य में प्रवेश करेंगे। असम में 30 जनजातीय संगठन और 16 दलों का विपक्षी मंच विरोध में उतरा है। एक दिन पहले असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने राज्य में 12 घंटे की भूख हड़ताल भी की थी। असम पुलिस सूत्रों के अनुसार, विरोध रोकने के लिए गुवाहाटी में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई हैं और कई क्षेत्रों के खाली परिसरों में अस्थाई जेलों को बनाया गया है।
केरल में भी CAA के खिलाफ प्रदर्शन
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर केरल में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। केरल में भी सीपीआई (एम) CAA के खिलाफ है। एक बयान में, पार्टी ने कहा, CAA के नियम कहीं न कहीं NCR से जुड़े हैं और आशंका जताई है कि मुस्लिम मूल के नागरिकों को निशाना बनाया जाएगा। वहीं, राज्य में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने भी इसकी निंदा करते हुए मंगलवार को मार्च निकाला।